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अब उड़कर कर सकेंगे तीर्थ यात्रा, सरकार ने बनाई ये योजना

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रदेश भर के तीर्थ स्थलों पर हेलिकॉप्टर सेवा शुरू की जाएगी...

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राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रदेश भर में जहां-जहां भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के चरण पड़े उन स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा। तीर्थ स्थलों पर हेलिकॉप्टर सेवा शुरू की जाएगी। राज्यपाल ने बुधवार को सदन को संबोधित करते हुए यह बात कही। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्षी दल कांग्रेस सदस्यों ने हंगामा भी किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने राज्यपाल से झूठ बुलवाया है। घोषणा पत्र में किसान, महिलाओं से किए गए वादों का जिक्र नहीं है।

इसको लेकर कांग्रेस विधायकों ने सदन में नारेबाजी भी की। कांग्रेस विधायकों की टोकाटाकी के बीच राज्यपाल ने अभिभाषण के कुछ बिन्दु ही पढ़े। बाद में स्पीकर नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण को पढ़ा हुआ माना जाएगा। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के सहयोग से उज्जैन में अत्याधुनिक एयरपोर्ट की स्थापना करने का लक्ष्य है। जिससे बाबा महाकाल की नगरी में आने वाले श्रद्धालुओं को हवाई यात्रा की सुविधा मिल जाएगी। श्री केदारनाथ धाम की तर्ज पर इंदौर से उज्जैन एवं ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग तथा जबलपुर से चित्रकूट तथा ग्वालियर से ओरछा एवं पीताम्बरा पीठ के लिए हेलिकॉप्टर सेवा योजना के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों के लिए पर्यटकों को हवाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री एयर एम्बुलेंस सेवा प्रारंभ करते हुए प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों से गंभीर रूप से बीमार लोगों को एयरलिफ्ट कर बड़े अस्पतालों में शिफ्ट करने के लिए सर्वसुविधायुक्त एयर एम्बुलेंस प्रदेश सरकार जल्द चलाने की योजना है।

- राज्यपाल ने 48 पेज के अभिभाषण में 59 बिन्दुओं में सरकार की योजनाएं और उपलब्धियां बताईं।

- सांची सोलर सिटी के बाद अब 5 प्रमुख पर्यटन शहरों को सोलर सिटी बनाने का लक्ष्य है।

- राज्य सरकार शूरवीरों के जीवन और बलिदान के प्रति सम्मान एवं भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्वरूप वीर भारत संग्रहालय बनाएगी।

- 35 हजार करोड़ की केन बेतवा परियोजना की भांति पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना की स्वीकृति प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। इससे प्रदेश के 10 जिले शिवपुरी, ग्वालियर, भिण्ड, मुरैना, श्योपुर, गुना, शाजापुर, उज्जैन, इंदौर और देवास को सुविधा प्राप्त होगी।

- राज्य सरकार प्रदेश में 24 घंटे बिजली सप्लाई सुनिश्चित कर रही है। आगामी वर्ष में 5 हजार मेगावाट की बढ़ोत्तरी का लक्ष्य है।

- प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना में 75 हजार सोलर रूफटॉप का लक्ष्य है।

- राज्य सरकार ने रानी दुर्गावती, रानी आवंतीबाई एवं अन्य वीरांगनाओं की जीवनी को सरकारी स्कूलों के लिए पाठ्यक्रम में लाएगी।

- सागर में रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय, खरगोन में क्रांतिसूर्य टंट्या भील ओर गुना में भी एक नए विश्वविद्यालय की स्थापना होगी।

- विश्वविद्यालयों में छात्र-छात्राओं की अंकसूची व उपाधियों को डिजीलॉकर में अपलोड करेंगे।

- प्रदेश में मलखंब व जिम्नास्टिक अकादमी की स्थापना का लक्ष्य है।

- प्रदेश में 313 विकासखंडों में कुल 730 स्कूलों को पीएमश्री स्कूल के रूप में विकसित करेंगे।

- 11 हजार 454 से अधिक आरोग्य मंदिर क्रियाशील हो गए हैं।

- संस्थागत प्रसव की सुविधा को और बेहतर बनाने का प्रयास होगा।

- सरकार ने पेंशन और अनुकंपा नियुक्ति प्रकरणों के निराकरण के लिए जिले में विशेष जन सुनवाई सत्र आयोजित करेगी।

- सरकार दस्तावेजों के ई-पंजीयन एवं ई-स्टाम्पिंग के लिए संपदा 2.0 सॉफ्टवेयर को लागू करेगी। जिससे चिंहित दस्तावेजों को घर बैठे नागरिक स्वयं जनरेट कर सकेंगे।

प्रत्येक जिले में एक आयुर्वेद महाविद्यालय

राज्यपाल ने कहा कि भारतीय चिकित्सा पद्धति को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से सागर, शहडोल, नर्मदापुरम, धार, झाबुआ, मंडला, बालाघाट, श्योपुर, खजुराहो में नए महाविद्यालय स्थापित करने का निर्णय सरकार ने लिया है। सुनिश्चित होगा कि प्रत्येक संभाग में एक आयुर्वेदिक महाविद्यालय हो।

नई ईवी नीति लागू होगी

सरकार ने वर्ष 2024 में नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति लागू करने का लक्ष्य रखा है। पीएम ई-बस योजना के अंतर्गत भी प्रदेश को 500 से अधिक बसें प्राप्त होने की संभावना है।