
higher secondary teacher recruitment: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट (Highcourt) ने उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती 2018 (higher secondary teachers recruitment 2018) में पूर्व में चयनित ओबीसी वर्ग (OBC) के अभ्यर्थियों को राहत देते हुए कर्मचारी चयन मंडल और आदिवासी कल्याण विभाग रिक्त पड़ी सीटों पर नियुक्ति देने पर विचार करने के निर्देश दिए। तीन माह में इस पर निर्णय करने की समय सीमा के साथ याचिका निराकृत कर दी।
जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिए कि वे उक्त अधिकारियों को नए सिरे से अलग-अलग अभ्यावेदन प्रस्तुत करें। दोनों विभाग के संबंधित अधिकारी अभ्यावेदनों पर विचार कर नियमानुसार उचित आदेश पारित कर याचिकाकर्ताओं को सूचित करेंगे।
उल्लेखनीय है कि जबलपुर निवासी रितु नामदेव, मीना चौधरी सहित अलग-अलग जिलों के एक दर्जन से अधिक उम्मीदवारों ने याचिका दायर की थी। उन्होंने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट को बताया कि उन्होंने उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती 2018 की परीक्षा दी थी। विभाग ने 17 हजार पदों के लिए विज्ञापन निकाला था। इनमें से 15 हजार पदों को प्रथम चरण में और शेष पदों को द्वितीय चरण में भरा जाना था।
परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उनका नाम मेरिट सूची में आया था। इसके बावजूद उन्हें नियुक्ति नहीं दी गई। कोर्ट को बताया गया आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब भी 5935 पद रिक्त हैं। प्रकरण में शासन ने पक्ष रखा कि याचिकाकर्ताओं से कम मेरिट वाले किसी अभ्यर्थी को नियुक्ति नहीं दी गई है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उक्त आदेश जारी किया।
Updated on:
17 Mar 2024 08:06 am
Published on:
17 Mar 2024 08:02 am
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