
Highway in Ratapani Sanctuary
भोपाल. भोपाल से बैतूल की दूरी अब और कम रह जाएगी। बुदनी-बरखेड़ा के बीच 12.5 किमी का रिजर्व फॉरेस्ट रातापानी अभयारण्य होने के कारण लंबे समय से अटके फोरलेन को केंद्र सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने एनओसी दे दी है। अब रातापानी अभयारण्य से होकर सड़क निकलेगी। इसमें वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए जाएंगे। दीवारेंइस तरह से रहेंगी कि शोर से जानवरों को खलल न पहुंचे। गौरतलब है कि रातपानी अभयारण्य को टाइगर रिजर्व बनाने पर भी काम चल रहा है।
केंद्र से अनुमति नहीं मिलने को लेकर सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह एवं सलकनपुर ट्रस्ट अध्यक्ष महेश उपाध्याय ने प्राथमिकता के आधार पर बनाए जाने की मांग की थी। अब इसकी स्वीकृति हो चुकी है। विदिशा सांसद रमाकांत भार्गव एवं होशंगाबाद सांसद उदय प्रताप सिंह द्वारा लोकसभा में इस मुद्दे को बार-बार उठाया गया जिसके कारण विभाग ने फोरलेन रोड के निर्माण की अनुमति जारी कर दी है। विधायक विजयपाल ने बताया कि इस मार्ग को फोरलेन करने की टेंडर की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है।
वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए बनेंगे फ्लाइओवर
रातापानी पानी अभयारण्य क्षेत्र से नेशनल हाइवे-69 का रास्ता निकला है। बिनेका से मिडघाट तक करीब 12.8 किमी लंबे इस घने जंगल में वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिहाज से तीन स्थानों पर फ्लाई ओवर ब्रिज बनाने का प्रस्ताव है। पहला मुख्य फ्लाइओवर बरखेड़ा से शुरू होगा, जो शाहगंज जोड़ पर खत्म होगा, जिसकी लंबाई 1.6 किमी होगी। ऐसे ही दो अन्य फ्लाई ओवर ब्रिज भी अन्य सेंचुरी क्षेत्र में बनेंगे। जिससे वाहन जंगल वाले क्षेत्र में फ्लाई ओवर ब्रिज से निकलते रहें और वन्य प्राणी भी जंगल में आसानी से विचरण करते रहे हैं और उन्हें कोई नुकसान न पहुंचे। रातापानी अभयारण्य की सीमा तीन जिलों भोपाल, रायसेन, सीहोर तक फैली है। यहां लोगों का यह पसंदीदा पर्यटन स्थल है।
Published on:
06 Feb 2022 01:33 am
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