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ऑनलाइन शॉपिंग होगी महंगी, बढ़ा एंट्री टैक्स

ई-कॉमर्स कंपनियों पर 6 प्रतिशत का एंट्री टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव कैबिनेट की मीटिंग में पेश किया गया था जिसे वित्त मंत्री ने फाइल पर हस्ताक्षर कर हरी झंडी दिखा दी है।

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Alka Jaiswal

Jun 22, 2016

online shopping

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भोपाल। ऑनलाइन शॉपिंग पर बढ़ने वाले टैक्स को आखिरकार वित्त मंत्री जयंत मलैया ने आज मंजूरी दे दी है। ई-कॉमर्स कंपनियों पर 6 प्रतिशत का एंट्री टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव कैबिनेट की मीटिंग में पेश किया गया था जिसे वित्त मंत्री ने फाइल पर हस्ताक्षर कर हरी झंडी दिखा दी है। बढ़े हुए टैक्स का ये आदेश आज या कल में लागू कर दिया जाएगा।

जानकारों के अनुसार मध्यप्रदेश की आबादी की 7.3 करोड़ की आबादी में से करीबन 15 से 20 प्रतिशत, यानी कि करीबन 1.5 करोड़ लोग ऑनलाइन खरीदारी करते हैं। इनमें कपड़े, जूते-चप्पल, घड़ी, मोबाइल फोन, आर्टिफीशियल ज्वेलरी, बैग, चश्मा, लैपटॉप आदि ज्यादा खरीदे जाते हैं। इससे ऑनलाइन कंपनियों का एक महीने में 20 से 25 करोड़ रुपए का कारोबार होता है। अगर हम भोपाल की बात करें तो यहां हर महीने 2 से 3 करोड़ रुपए का कारोबार होता है।

आपको बता दें कि मुख्य सचिव एंटनी डी सा की अध्यक्षता में गठित की गई वरिष्ठ सचिव समिति ने ई-कॉमर्स कंपनियों पर 6 प्रतिशत का एंट्री टैक्स लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी जिसके बाद इस प्रस्ताव को कैबिनेट की बैठक में पेश किया गया।


ई-कॉमर्स साइटों ने पिछले दशक में शॉपिंग को पूरी तरह से बदल दिया है। किराने का सामान और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से लेकर न्यू टेक्नोलॉजी के उपकरणों के लिए लोग पूरी तरह से इन साइट्स पर निर्भर हो गए हैं। फ्लिपकार्ट, अमेज़न, स्नैपडील, शॉप क्लूज़, ईबे, मिंत्रा और जबोंग आज देश में इस उद्योग में प्रमुख खिलाड़ी हैं।


सभी इंपोर्टेड सामानों पर 6 प्रतिशत का एंट्री टैक्स लगाया जाएगा। देश में ही बनने वाले सामान इस टैक्स में शामिल नहीं होंगे क्योंकि उन पर पहले से ही वैट लगाया जा चुका है। इस टैक्स का भुगतान परिवहन कंपनियों को करना होगा और इसके साथ ही उन्हें खुद को सेल्स टैक्स विभाग में रिटर्न फाइल करने के लिए रजिस्टर कराना होगा।

अनुमान के मुताबिक, राज्य में हर साल करीबन 500-600 करोड़ का ऑनलाइन लेनदेन होता है। अनुमान लगाया जा रहा है कि सरकार टैक्स रेवेन्यू में 40 करोड़ रुपए तक की बढ़ोतरी कर सकती है इसलिए 10,000 की कीमत वाले प्रोडक्ट्स अब 600 रुपए की अधिक कीमत पर मिलेंगे।


अपर मुख्य सचिव एसआर मोहंती, प्रमुख सचिव एसपी श्रीवास्तव, मनोज श्रीवास्तव, रजनीश वैश्य, वीके बाथम और वाणिज्यिक कर आयुक्त राघवेन्द्र सिंह के साथ मीटिंग में शामिल थे।

शहर में ई-कॉम साइटें नहीं होंगे प्रभावित
राज्य में काम कर रही ऑनलाइन साइटों पर 6 प्रतिशत टैक्स नॉर्म का कोई फर्क नहीं पड़ेगा। ऑनडोर और बिग बास्केट जैसी साइट भी इससे बाहर रहेंगी।

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