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कब है होली? यहां हैं हार्ट टचिंग मैसेज और सॉग्स

आपकी याद हमेशा रहेगी ताजा...

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Holi 2020 with shubh muhurate, date and time

Holi 2020 with shubh muhurate, date and time

भोपाल। सनातनधर्मियों के प्रमुख त्योहारों में से एक होली का पर्व दो दिनों तक मनाया जाता है। इनमें से जहां पहले दिन होलिका दहन होता है। वहीं दूसरे दिन रंग के साथ होली खेली जाती है।

हिन्दू-पंचांग के मुताबिक होली का पर्व चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा को मनाया जाता है। यदि प्रतिपदा दो दिन पड़ रही हो तो पहले दिन को ही धुलण्डी (वसन्तोत्सव या होली) के तौर पर मनाया जाता है।

ऐसे में इस साल यानि 2020 में होलिका दहन 09 मार्च, 2020 (सोमवार) को होगा। होलिका दहन को छोटी होली के नाम से भी जाना जाता है। माना जाता है कि इस दिन पवित्र अग्नि जलाकर उसमें सभी तरह की बुराई, अहंकार और नकारात्मकता को जला देना चाहिए।

वहीं इस बार खेलने वाली होली यानि धुलण्डी 10मार्च, 2020 (मंगलवार) को मनाई जाएगी। बसंत ऋतु में प्रकृति में फैली रंगों की छटा को ही रंगों से खेलकर वसंत उत्सव होली के रूप में दर्शाया जाता है। ऐसे में अपने पुराने साथियों या अपनों की याद आ ही जाती है। जिसके चलते हम उन्हें कई तरह के मैसेज के द्वारा अपनी याद भी दिलाते हैं।

होली के ये हैं खास मैसेज: Holi SMS, wish in Hindi ...
होली पर यदि आप घर से दूर हैं तो अपनों की याद सताना स्वाभाविक ही है। वहीं इसके अलावा अपने दोस्तों के साथ पूर्व में मनाई होली की यादों के अलावा उन दोस्तों के साथ की गई मस्ती भी हमेशा यादगार बनी रहती है।

लेकिन नौकरी या अन्य कारणों कई बार हम उनसे दूर होने के चलते मुलाकत नहीं हो पाने के कारण हम उन्हें होली केवल विशेष मैसेज ही कर पाते हैं, जिससे उनके मन में आपकी याद हमेशा ताजा रहे।

यहां हम आपको उन मैसेज के बारे में बताने जा रहे हैं। जिन्हें भेज कर आपके अपने न केवल आपको अपने आसपास ही महसूस करेंगे, बल्कि आपकी यादों में भी खो जाएंगे।

1. खा के गुजिया, पी के भंग, लगा के थोडा थोडा सा रंग, बजा के ढोलक और मृदंग, खेलें होली हम तेरे संग. होली मुबारक!खा के गुजिया, पी के भंग, लगा के थोडा थोडा सा रंग, बजा के ढोलक और मृदंग, खेलें होली हम तेरे संग, होली मुबारक!

2. प्यार के रंगों से भरो पिचकारी, स्नेह के रंगों से रंग दो दुनिया सारी ये रंग न जाने न कोई जात न बोली, सबको हो मुबारक ये हैप्पी होली!

3. राधा का रंग और कान्हा की पिचकारी , प्यार के रंग से रंग दो दुनिया सारी , ये रंग न जाने कोई जात न कोई बोली मुबारक हो आपको रंग भरी होली !!


4. ये रंगों का त्यौहार आया है, साथ अपने खुशियां लाया है, हमसे पहले कोई रंग न दे आपको, इसलिए हमने शुभकामनाओं का रंग, सबसे पहले भिजवाया है… “हैप्पी होली”


5. वो गुलाल की ठंडक; वो शाम की रोनक; वो लोगों का गाना; वो गलियों का चमकना; वो दिन में मस्ती; वो रंगों की धूम; होली आगई है होली है होली की शुभकामनाएं

6. ये रंगो का त्यौहार आया है !
साथ अपने खुशियां लाया है !
हमसे पहले कोई रंग न दे आपको !
इसलिए हमने शुभकामनाओं का रंग,
सबसे पहले भिजवाया है !! हैप्पी होली


English Messages for holi...

: Aise manana Holi ka tyohar pichkari se barse sift pyar.
Ye hai mauka apno se gile mitane ka
To gulal or rang lekar ho jao tayar.
Happy Holi

: May the splash of colors bring joy within your family.
Have a Happy Holi!

: Rang, pichkari hai taiyaar,
Aao manayein holi ka pyara tyohaar!!
Happy Holi!

: Sending love with red, friendship with pink, wisdom with yellow and new beginnings with green.
Have a colorful and happy Holi!

मप्र में होली पर खास:
वहीं मध्यप्रदेश के मालवा अंचल में होली के पांचवें दिन रंगपंचमी मनाई जाती है, जो मुख्य होली से भी अधिक ज़ोर-शोर से खेली जाती है।

यह पर्व सबसे ज़्यादा धूम-धाम से ब्रज क्षेत्र में मनाया जाता है। ख़ास तौर पर बरसाना की लट्ठमार होली बहुत मशहूर है। मथुरा और वृन्दावन में भी 15 दिनों तक होली की धूम रहती है।

हरियाणा में भाभी द्वारा देवर को सताने की परंपरा है। जबकि महाराष्ट्र में रंग पंचमी के दिन सूखे गुलाल से खेलने की परंपरा है। इसके अलावा दक्षिण गुजरात के आदि-वासियों के लिए होली सबसे बड़ा पर्व है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में लोक-गीतों का बहुत प्रचलन है और मालवांचल में भगोरिया मनाया जाता है।

होली के वे गाने जो आज भी माहौल में जमा देते हैं रंग : बॉलीवुड में होली का सफर - दशकों पुराने इन गानों की आज भी है धूम / Holi in Bollywood ...

बॉलीवुड ने हमेशा ही होली के त्यौहार का उत्साह बढ़ाने में हमारा खूब साथ दिया है। होली के गीत 1958 से लेकर आज तक फिल्मों में फिल्माएं जाते हैं और वे सुर्खियां भी बटोरते हैं। ऐसे में आज हम आपको बॉलीवुड के ऐसे ही यादगार होली सांग्स के सफर पर ले चल रहे हैं, जिन्होंने हमारी होली का मजा दोगुना कर दिया।

दरअसल रंग बरसे भीगे चुनर वाली और अंग से अंग लगाना सजन हमें ऐसे रंग लगाना.... जैसे गाने जब तक न बजे लगता ही नहीं कि होली आ गई है। इन गानों का बजना और लोगों का थिरकना जैसे किसी परंपरा की तरह हो गया है।

1. साल 1958 में आई फिल्म मदर इंडिया की 'होली आई रे कन्हाई' किसे याद नहीं होगा। हमारे बुजुर्ग तो आज भी इसी गाने से होली का आगाज करते हैं।

2. इसके अलावा वी शांताराम की फिल्म नवरंग का गीत 'जा रे हट नटखट' आज भी झूमने पर मजबूर कर देता है। वहीं सत्तर के दशक में आई फिल्म कोहिनूर का 'तन रंग लो जी आज मन रंग लो' और फिल्म गोदान, फूल और पत्थर के होली गीत भी यादगार हो गए।

3. साल 1970 में आयी राजेश खन्ना और आशा पारेख स्टारर फिल्म कटी पंतग का गीत 'आज न छोडेंग़े हमजोली' विधवा कुप्रथा के न केवल खिलाफ था, बल्कि प्रेम का असली प्रतीक भी बन गया।

4. वहीं अस्सी के दशक में 'होली, कब है होली..?' और 'बुरा ना मानो होली है' सरीखे डायलॉग मिले। जबकि साल 1973 आई वहीदा रहमान और धर्मेंन्द्र की फिल्म फागुन का गाना 'फ़ागुन आयो रे' और इसी साल आई नमक-हराम का गाना नदिया से दरिया भी बहुत अहम रहा।

इनके अलावा आज भी साल 1975 में आई फिल्म शोले के गीत 'होली के दिन दिल खिल जाते हैं' पर झूमते नाचते नजऱ आ ही जाते हैं। सुनील दत्त की फिल्म जख्मी 'होली आली रे आली रे' भी आज तक लोगों की जुबान पर चढ़ा है।

: वहीं 1978 में बासु चटर्जी के निर्देशन में बनी फिल्म दिल्लगी में 'कर गई मस्त' गीत ने लोगों का खूब मनोरंजन किया था।

: इसके बाद 1981 में आई फिल्म सिलसिला का 'रंग बरसे भीगे चुनर वाली' होली पर गाये और बजाये जाने वाले गानों में सबसे लोकप्रिय है। 1982 की फिल्म राजपूत का 'भागी रे भागी ब्रिज की बाला' भी होली के गीतों में प्रमुख माना जाता है।

: साल 1984 में आई फिल्म मशाल के गाने 'होली आई, होली आई' को बड़ी खूबसूरती से फिल्माया गया है। इसके बाद साल 1985 में आई फिल्म आखिऱ क्यों के गाने सात रंग में खेले में रिश्तों के बदलते रंगों को नायिका स्मिता पाटिल की अदाकारी देखने मिलती है।

: साल 1993 में आई फिल्म डर का गाना 'अंग से अंग लगाना सजन हमें ऐसे रंग लगाना' किसे याद नहीं होगा।

: इसके बाद साल 2000 में आयी शाहरुख, अमिताभ और एश्वर्या राय की फिल्म मोहब्बतें को होली सांग 'सोनी सोनी अंखियों वाली' भी काफी फेमस रहा। इसके बाद 2003 में आई फिल्म बाग़बान में अमिताभ बच्चन और हेमा मालिनी पर फिल्माए गए गीत 'होली खेले रघुवीरा अवध में' ने भी लोगों के दिलों को धड़का दिया।

: साल 2005 में आई फिल्म वक्त- द रेस अगेंस्ड टाइम में अक्षय कुमार और प्रियंका चोपडा़ पर फिल्माया गया गीत 'डू मी ए फेवर लेट्स प्ले होली' का गीत कुछ मॉर्डन टच लिए हुए था लेकिन युवाओं ने इसे काफी पसंद किया।

इसके बाद साल 2013 ये जवानी है दीवानी का गाना 'बलम पिचकारी' और साल 2014 में आई फिल्म रामलीला का गाना 'लहू मुंह लग गया' भी युवाओं में लोकप्रिय है।

ऐसे समझें होलिका दहन का शास्त्रोक्त नियम...
पंडित सुनील शर्मा के अनुसार फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से फाल्गुन पूर्णिमा तक होलाष्टक माना जाता है, जिसमें शुभ कार्य वर्जित रहते हैं। पूर्णिमा के दिन होलिका-दहन किया जाता है। इसके लिए मुख्यतः दो नियम ध्यान में रखने चाहिए।

1. पहला, उस दिन “भद्रा” न हो। भद्रा का ही एक दूसरा नाम विष्टि करण भी है, जो कि 11 करणों में से एक है। एक करण तिथि के आधे भाग के बराबर होता है।
2. दूसरा, पूर्णिमा प्रदोषकाल-व्यापिनी होनी चाहिए। सरल शब्दों में कहें तो उस दिन सूर्यास्त के बाद के तीन मुहूर्तों में पूर्णिमा तिथि होनी चाहिए।

होलिका दहन (जिसे छोटी होली भी कहते हैं) के अगले दिन पूर्ण हर्षोल्लास के साथ रंग खेलने का विधान है और अबीर-गुलाल आदि एक-दूसरे को लगाकर व गले मिलकर इस पर्व को मनाया जाता है।

ऐसे समझें होलिका दहन की पौराणिक कथा...
वहीं पं. शर्मा के मुताबिक पुराणों के अनुसार दानवराज हिरण्यकश्यप ने जब देखा की उसका पुत्र प्रह्लाद सिवाय विष्णु भगवान के किसी अन्य को नहीं भजता, तो वह क्रुद्ध हो उठा और अंततः उसने अपनी बहन होलिका को आदेश दिया की वह प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठ जाए, क्योंकि होलिका को वरदान प्राप्त था कि उसे अग्नि नुक़सान नहीं पहुंचा सकती।

किन्तु हुआ इसके ठीक विपरीत प्रह्लाद को गोद में लेकर बैठने पर होलिका स्वयं जलकर भस्म हो गयी और भक्त प्रह्लाद को कुछ भी नहीं हुआ। इसी घटना की याद में इस दिन होलिका दहन करने का विधान है। होली का पर्व संदेश देता है कि इसी प्रकार ईश्वर अपने अनन्य भक्तों की रक्षा के लिए सदा उपस्थित रहते हैं।

होली का इतिहास...
होली का वर्णन बहुत पहले से हमें देखने को मिलता है। प्राचीन विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हम्पी में 16वीं शताब्दी का चित्र मिला है जिसमें होली के पर्व को उकेरा गया है। ऐसे ही विंध्य पर्वतों के निकट स्थित रामगढ़ में मिले एक ईसा से 300 वर्ष पुराने अभिलेख में भी इसका उल्लेख मिलता है।