
पंचायत चुनावों में 20 हजार से ज्यादा होमगार्ड को नहीं मिलेगा रोजगार
भोपाल/ सोमवार को राजधानी के होमगार्ड पुलिस लाइन मैदान में प्रदेशभर के होमगार्ड सैनिक धरना पर बैठ गए। प्रदर्शन किया। दिनभर ड्रामा चलते रहा। होमगार्ड सैनिक ड्यूटी पर नहीं पहुंचे तो मुख्य सचिव एसआर मोहंती ने आनन-फानन में मंत्रालय में बैठक बुलाई। बैठक में डीजी होम गार्ड अशोक दोहरे सहित अन्य अधिकारियों को तलब किया। डीजी होम गार्ड दोहरे ने सभी होमगार्ड सैनिकों को अपनी-अपनी ड्यूटी पर पहुंचने के निर्देश दिए। होमगार्ड के पांच प्रतिनिधियों को अपनी बात रखने के लिए बुलाया,
लेकिन होमगार्ड सैनिक दोहरे से मिलने नहीं गए। वे मिलने के बजाय सडक़ों पर उतर आए और अपनी मांगों को जायज बताते हुए और उग्र हो गए। होम गार्ड सैनिकों का आरोप है कि उनके साथ सालों से अत्याचार किया जा रहा है और उनका शोषण हर स्तर पर हो रहा है।
उनकी मांगों को कभी भी गंभीरता से नहीं लिया गया है। प्रदेश के 16 हजार से ज्यादा होम गार्ड सैनिकों को समय पर वेतन तक नहीं मिलने से भी सभी होम गार्ड सैनिक आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। बार-बार वेतन की मांग की गई, लेकिन अधिकारियों ने समय पर ध्यान ही नहीं दिया। होम गार्ड सैनिकों के प्रदर्शन पर नियंत्रण के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात करना पड़ा। इधर, शाम 6 बजे तक होम गार्ड सैनिक धरने पर बैठे रहे, इसी बीच डीजी अशोक दोहरे ने आदेश जारी कर कहा कि मंगलवार सुबह 10 बजे ड्यूटी पर नहीं पहुंचेंगे तो सभी को बर्खास्त कर दिया जाएगा। देर शाम तक डीजी होम गार्ड से 11 सैनिकों का एक दल मिलने पहुंचे।
दिनभर हंगामा चला
होमगार्ड सैनिक दिनभर प्रदर्शन और नारेबाजी करते रहे। डीआईजी इरशाद वली ने भी समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनीं।
यह है मांगे-
- स्वयं सेवी शब्द हटाकर राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। एक विभाग, एक कानून लागू किया जाए।
- होमगार्ड सैनिकों के हर तीन साल में नामांकन का प्रावधान खत्म किया जाए।
- बार-बार मेडिकल बोर्ड से मेडिकल परीक्षण करवाने की प्रथा खत्म की जाए। रोटेशन प्रणाली/कॉल आउट कॉल ऑफ को खत्म किया जाए।
- होम गार्ड सैनिक नियम-2016 पूर्ण रुप से निरस्त किया जाए।
Updated on:
28 Jan 2020, 11:17 AM IST
Published on:
28 Jan 2020, 11:17 AM IST
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