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भोपाल। बदलता मौसम, प्रदूषित हवा, गलत खान-पान, अधिक ठंडे पदार्थ खाना-पीना और किसी बीमार व्यक्ति के सम्पर्क में रहने से गले में खराश और दर्द होने की समस्या पैदा होती है। अपने गले का ध्यान रखना बहुत जरूरी है नहीं तो इसके कारण अन्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं। लिंफ नोड्स गले का एक ऐसा हिस्सा है जो कई ग्रंथियो से जुड़ा होता है। यह जबड़े के पीछे से लेकर सिर के पीछे वाले अंगों से जुड़ी होती है। इसका काम प्रतिरोधक शक्ति को सही रखना होता है,जिससे शरीर हानिकारक कीटाणुओं से लड़ता है लेकिन किसी वजह से लिंफ नोड्स में सूजन आ जाए तो शरीर में कोल्ड, टांसिल, जिंजिवाइटिस, त्वचा में संक्रमण, आदि जैसी समस्याएं हो सकती है। डॉयटीशियन रश्मि बताती है कि आप घरेलू नुस्खें अपनाकर इस समस्या से छुटकारा पा सकते है। जानिए कुछ सरल घरेलू उपाय जिनको अपना कर आप अपने गले की देखभाल कर सकते हैं।
अदरक है कारगर
अदरक में गले की सूजन को कम करने का गुण होता है। इस समस्या से निजात पाने के लिए अदरक के छोटे-छोटे टुकड़े काट लें और उसे पानी में डालकर कुछ देर तक उबालें, जब पानी ठंडा हो जाए तो उसमें नींबू का रस और थोड़ा शहद मिलाएं। इस मिश्रण का सेवन दिन तीन-चार बार करने से राहत मिलेगी। इसके अलावा अदरक का टुकड़ा मुंह में रखकर चूसने से भी गले में आई सूजन और जलन को दूर किया जा सकता है।
नींबू का रस
नींबू में प्राकृतिक एसिड होता है। इसलिए गले के बैक्टीरिया को मारकर सूजन दूर करने में यह असरदार उपाय है। एक गिलास गर्म पानी में नींबू का रस मिलाएं और उसमें थोड़ा नमक मिलाकर इस पानी से गरारे करें। ऐसा दिन में बार-बार दोहराएं, जल्दी राहत मिलेगी।
प्याज का रस
गले में सूजन की समस्या दूर करने में प्याज का रस सबसे असरदार माना जाता है। दरअसल, प्याज का सिरप गले की सूजन को प्राकृतिक तरीके से दूर करता है। इसके लिए आप प्याज के छोटे-छोटे टुकड़ों को पीसकर रस निकाल लें। अब गर्म पानी में दो चम्मच प्याज का रस मिलाएं। इसे पीने से दर्द में तुरंत आराम मिलेगा।
शहद भी है कारगर
शहद को भी अच्छा प्राकृतिक उपचार माना जाता है। इससे गले की मांसपेशियों में खिंचाव दूर होकर आराम मिलता है। इसके लिए दिन में कई बार शहद लेने से आराम मिलेगा। इसके अलावा दिन में दो-तीन बार नींबू और शहद की चाय पीएं। इससे भी गले में दर्द, सूजन और जलन की समस्या दूर हो जाती है।
नीलगिरी का तेल
नीलगिरी के तेल में एंटी बैक्टीरियल, एंटी वायरल और एंटी माइक्रोबियल गुण होते हैं। इस तेल भी भाप लेना फायदेमंद है। इसके लिए पानी को उबालें और उसमें कुछ बूंदे नीलगिरी के तेल की मिलाकर भाप लें।
Published on:
23 Apr 2018 03:39 pm

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