
भोपाल/भदभदा. दिव्यांग बच्चों को समाज की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए तमाम योजनाएं राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा संचालित की जा रही हैं, इनके जरिये दिव्यांगों को बेहतर आवास एवं शिक्षा मुहैया कराने का दावा भी किया जाता है, पर राजधानी के विशनखेड़ी में संचालित हो रहा सीडब्ल्यूएसएन छात्रावास को मेन्टेनेंस का इंतजार है।
मरम्मत नहीं होने से ये भवन धंसने लगा है। खास बात है कि इस इमारत का निमाज़्ण को दस साल ही हुए हैं। निमाज़्ण में बरती गई लापरवाही के कारण भवन समय से पहले ही जजज़्र हो चला है। हद तो ये है कि उच्च शिक्षा मंत्री एवं स्थानीय विधायक उमाशंकर गुप्ता तीन बार यहां का निरीक्षण कर चुके हैं, इसके बाद भी हालात जस के तस हैं।
35 बच्चे और स्टाफ है यहां
जिला शिक्षा केंद्र द्वारा सीडब्ल्यूएसएन (चाइल्ड विथ स्पेशल नीड) छात्रावास का संचालन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य दिव्यांगों को जरूरी सुविधाएं मुहैया करवाई जाए ताकि ये समाज की मुख्यधारा में शामिल हो सकें। इस छात्रावास में रहने वाले 35 बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षक के साथ ही वाडज़्न एवं कुक समेत आठ लोगों की नियुक्ति की गई है। इनके द्वारा बच्चों की पढ़ाई लिखाई के साथ ही देखभाल का जिम्मा संभाला जाता है।
अनदेखी बन न जाए मुसीबत
छात्रावास का निमाज़्ण बीडीए द्वारा किया गया है। इस भवन के निमाज़्ण में बरती गई कोताही के कारण दस साल में ही भवन जजज़्र हो गया है। स्टाफ एवं वाडज़्न द्वारा भवन के मेन्टनेंस के लिए कई बार जिला शिक्षा केंद्र के अधिकारियों को पत्र लिखा गया है, पर इसे लगातार अनदेखा किया जा रहा है। भवन कई जगह से धंस गया है, जिसके कारण दीवारों पर बड़ी दरारें आ गई हैं, जिसके कारण हादसे की आशंका बनी रहती है। वहीं 35 बच्चों के भविष्य पर पर संकट छाया रहता है।
तीन बार मंत्री ने किया निरीक्षण
इस छात्रावास का उच्च शिक्षा मंत्री एवं स्थानीय विधायक उमाशंकर गुप्ता तीन बार निरीक्षण कर चुके हैं, इसके बाद भी जजज़्र हो चुके भवन के मेन्टेनेंस की सुध अधिकारियों ने नहीं ली है।
छात्रावास के मेन्टेनेंस के लिए हमने संबंधित विभाग को फाइल भेजी है। राशि स्वीकृत होते ही भवन का मेन्टेनेंस किया जाएगा।
उमाशंकर गुप्ता, उच्च शिक्षा मंत्री एवं विधायक
Published on:
06 May 2018 03:05 pm
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