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भोपाल में 240 फ्लैट का सुरम्य परिसर बनेगा, तुलसी में आइएएस के लिए अलग विंग का प्रस्ताव खारिज

हाउसिंग बोर्ड की बोर्ड बैठक में हुआ फैसला, रीडेंसीफिकेशन में गति लाने बनेगा अलग प्रकोष्ठ

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भोपाल

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Sunil Mishra

Jun 09, 2023

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भोपाल. मध्यप्रदेश हाउसिंग एवं अधो-संरचना विकास मंडल की बोर्ड बैठक में भोपाल की अयोध्या बायपास पर सुरम्य परिसर प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई। यहां 240 फ्लेट के साथ 34 दुकानें बनेगी। 117.31 करोड़ रुपए की लागत के इस प्रोजेक्ट से बोर्ड को 131.60 करोड़ मिलने की उम्मीद है। बैठक में तुलसी विंग के एक हिस्से को आइएएस अफसरों के लिए आरक्षित करने का पत्र नहीं माना गया। इसका प्रस्ताव खारिज कर दिया गया। बोर्ड अध्यक्ष आशुतोष तिवारी ने बताया कि मंडल की महत्वाकांक्षी पुनर्घनत्वीकरण योजना में 2000 करोड़ की लागत से निर्माण कार्य संचालित हैं। इससे प्रदेश में 28 योजनाएं प्रगतिरत हैं। शुक्रवार को पर्यावास भवन में बोर्ड के मुख्यालय में संपन्न बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति प्रदान की गई। बैठक में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास नीरज मंडलोई, उप सचिव वित्त अरूण पालीवाल, संयुक्त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश सुनील नाथ, अधीक्षण यंत्री लोक निर्माण जीपी वर्मा, अशोक पटेल संयुक्त महाप्रबंधक आवास एवं नगर विकास एवं आयुक्त हाउसिंग बोर्ड चंद्रमौलि शुक्ला व अन्य अफसर उपस्थित रहे।

बनेगा री-डेंसीफिकेशन प्रकोष्ठ

- भोपाल समेत प्रदेशभर में री-डेंसीफिकेशन योजनाओं पर नजर रखने के लिए हाउसिंग बोर्ड मुख्यालय स्तर पर री-डेंसीफिकेशन प्रकोष्ठ की स्थापना करेगा। मंडल के आयुक्त चंद्रमौली शुक्ला ने बताया मंडल की बहुउद्देशीय पुर्नघनत्वीकरण योजनाओं के प्रभावी नियंत्रण के लिए मुख्यालय स्तर पर पुर्नघनत्वीकरण प्रकोष्ठ के प्रस्ताव पर बोर्ड ने सहमति दी है। प्रदेश में 2000 करोड़ की लागत से प्रचलित इन योजनाओं को मंडल द्वारा समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराया जाना है। इन योजनाओं की सतत मॉनिटरिंग एवं गुणवत्ता नियंत्रण के लिए 8 वरिष्ठ अधिकारियों की सेवाएं ली जाएंगी।

भोपाल का रविशंकर मार्केट भी री-डेवलपमेंट में
- भोपाल में रविशंकर मार्केट समेत बीडीए ने अपनी पुराने कॉम्प्लेक्स में पॉलिसी के तहत नए सिरे से निर्माण की रूपरेखा तैयार की है। रामनगर परीबाजार में री-डेंसीफिकेशन प्रोजेक्ट पर काम चल ही रहा है। बीडीए के अजंता कॉम्प्लेक्स को रीडेंसीफिकेशन के लिए चुना गया है।

उपयंत्री बनेंगे प्रभारी कार्यपालन यंत्री

- मंडल द्वारा पदोन्नति एवं नवीन भर्ती न होने के कारण वरिष्ठ अधिकारियों की कमी के कारण कार्य में आ रही परेशानियों के दृष्टिगत ऐसे वरिष्ठ उपयंत्री, जिन्हें उपयंत्री के पद पर 20 वर्ष हो चुके हैं एवं जो कार्यपालन यंत्री का वेतनमान समयमान वेतनमान के अंतर्गत प्राप्त कर रहे हैं, को कार्यपालन यंत्री का प्रभार दिये जाने पर बोर्ड द्वारा सहमति प्रदान की गई। इन्हें कोई अतिरिक्त आर्थिक लाभ प्राप्त नहीं होगा। वे वही वेतन प्राप्त करते रहेंगे जो वर्तमान में प्राप्त कर रहे हैं। इसी के साथ अर्जुन फिटनेस क्लब के दैनिक वेतन भोगी/अनुबंधित संविदा कर्मियों को अवकाश का लाभ प्रदान किया गया।