
pandit ji
भोपाल। जीवन में हर इंसान सकून और शांति चाहता है। सकून और शांति के लिए भगवान का स्मरण बहुत जरूरी है। भगवान का स्मरण और पूजा करने से परेशानियां तो दूर होती ही है साथ ही दिमाग को भी शांति मिलती है। शहर के ज्योतिषाचार्य पंडित जगदीश शर्मा बताते है कि ऐसा माना जाता है कि घर में व मंदिर में देवी देवताओं की पूजा अर्चना की जाए तो इससे विशेष फल मिलता है। इसके अलावा मंदिर के आसपास का वातावरण सकरात्मक होता है जिसकी वजह से व्यक्ति का मन प्रसन्न और शांत रहता है चाहे व्यक्ति कितना भी परेशान क्यों ना हो मंदिर में प्रवेश करते ही उसके मन को शांति मिलती है। ज्योतिष में बताया गया है कि भगवान को प्रसन्न करने के कुछ नियम-कायदे होते हैं। अगर आप पूजा करने के दौरान इन नियमों को नहीं अपनाते है भगवान आपसे नाराज भी हो सकते हैं और आपको पाप भी लग सकता है। इसलिए पूजा करते समय इन बातों का जरूर ध्यान रखें....
- इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि शिवजी , गणेशजी और भैरवजी की पूजा के दौरान उन्हें कभी भी तुलसी की पत्ती न चढ़ाएं।
- घर या मंदिर में किसी भी पूजा के दौरान दक्षिणा अवश्य चढ़ानी चाहिए। भगवान से अपनी हर मनोकामना की सफलता के लिए दक्षिणा चढ़ाना अनिवार्य है।
- हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि तुलसी की पत्ती को बिना स्नान करें कभी भी नहीं तोड़ना चाहिए। पंडित जी बताते है कि शास्त्रों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति बिना नहाए ही तुलसी के पत्तों को तोड़ता है तो पूजन में ऐसे पत्ते भगवान द्वारा स्वीकार नहीं किए जाते हैं।
- कभी भी केतकी के फूल को शिवलिंग पर अर्पित नहीं करना चाहिए।
- कभी भी मां दुर्गा को दूर्वा ( घास) नहीं चढ़ानी चाहिए। दूर्वा सिर्फ गणेशजी को विशेष रूप से अर्पित की जाती है।
- तुलसी की पत्ती को रविवार, एकादशी, द्वादशी, संक्रान्ति तथा संध्या काल में नहीं तोड़ना चाहिए।
Published on:
19 Oct 2018 11:58 am
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