कृष्णा गौर ने कहा- अगर नहीं मिला टिकट तो पार्टी से इस्तीफा देकर लडूंगी चुनाव
भोपाल. भाजपा का गढ़ और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर की सीट गोविंदपुरा को लेकर भाजपा की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। इस सीट में बाबूलाल गौर और उनकी बहू कृष्णा गौर के बगावती तेवर खुलकर सामने आ रहे हैं। भाजपा की पहली लिस्ट का ऐलान होते ही भाजपा में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। सूत्रों का कहना है कि कृष्णा गौर ने कहा है कि अगर पार्टी उन्हें टिकट नहीं देगी तो वो इस्तीफा देकर गोविंदपुरा विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ेंगी।
बताया जा रहा है कि गौर समर्थकों ने आनन-फानन में शनिवार को गोविंदपुरा में बैठक की। इसके बाद गौर के निवास पर विधानसभा प्रभारी बारेलाल अहिरवार समेत क्षेत्र के तमाम पार्षदों ने कृष्णा से मुलाकात कर चुनाव लड़ने के लिए कहा। बता दें कि बरसों से गौर परिवार का गोविंदपुरा से नाता है। सूत्रों का कहना है कि बाबूलाल गौर ने कहा है कि कई दूसरे नेताओं के बेटे-बेटी को टिकट मिला है तो मेरे साथ ऐसा क्यों? हालांकि उन्होंने कहा है कि उन्हें आरएसएस और संगठन का पूरा भरोसा है।
कमलनाथ ने भी किया संपर्क: सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ और वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को गौर परिवार से संपर्क किया है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस ने साफ किया है कि अगर कृष्णागौर या फिर बाबूलाल गौर निर्दलीय चुनाव लड़ते हैं तो कांग्रेस यहां से कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगी। कांग्रेस नेता गोविंद गोयल भी गौर से मिलने उनके निवास पर पहुंचे थे।
पार्टी दफ्तर में सहस्त्रबुद्धे को घेरा
मुंगावली में भाजपा प्रत्याशी केपी यादव के विरोध में बाईसाहब यादव के पुत्र ने समर्थकों के साथ भोपाल में पार्टी दफ्तर में शक्ति प्रदर्शन किया। जबकि धार की सरदारपुर सीट से भाजपा विधायक वेलसिंह भूरिया का टिकट काटे जाने पर उन्होंने ने पार्टी कार्यालय में जमकर हंगामा किया है।