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सिक्योरिटी गार्ड के टेंडर घोटाले में आइएएस हरि रंजन राव को लोकायुक्त का नोटिस

सिक्योरिटी गार्ड के टेंडर घोटाले में आइएएस हरि रंजन राव को लोकायुक्त का नोटिस - तत्कालीन एमडी अश्विनी लोहानी भी जांच के घेरे में, नोटिस थमाया तो दिया अजीब जवाब - 82 रुपए में प्रति व्यक्ति प्रति माह में इंदौर की रतन एंपोरियम कंपनी को दिया था टेंडर    

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paryatan vikas nigam

mp tourism

भोपाल@राधेश्याम दांगी की रिपोर्ट...

पर्यटन विकास निगम में 2015 में हुए सिक्योरिटी गार्ड के एक टेंडर घोटाले में लोकायुक्त संगठन की विशेष पुलिस स्थापना ने विभाग के प्रमुख सचिव हरिरंजन राव को नोटिस थमाया है।

लोकायुक्त पुलिस इस मामले में जल्द एफआइआर करने जा रही है। करोड़ों रुपए के इस टेंडर में टेंडर की अधिकांश शर्तों को नजरअंदाज करते हुए इंदौर व धार की रतन एंपोरियम फर्म को टेंडर दिया था। इसमें करोड़ों रुपए की धांधली बताई जा रही है।

लोकायुक्त की अब तक की जांच में पर्यटन विकास निगम के तत्कालीन एमडी अश्विनी लोहानी भी जांच के दायरे में आ गए हैं। अश्विनी ने ही इस टेंडर को अंतिम अनुमोदन दिया था।

लोकायुक्त पुलिस ने दोनों ही अफसरों को नोटिस देकर जवाब-तलब किया है। लोकायुक्त के नोटिस के जवाब में तत्कालीन एमडी अश्विनी ने पुलिस को अजीबो-गरीब जवाब दिया।

बताया जा रहा है कि जवाब में यह तक कहा गया है कि लोकायुक्त संगठन कैसे जवाब मांग रहा है? लोकायुक्त पुलिस ने नियमों को ताक पर रख कर एक कंपनी को टेंडर देने वाले दोनों ही अफसरों के खिलाफ एफआइआर की तैयारी कर ली है।

नोटिस से हैरत में हैं राव

लोकायुक्त के नोटिस पर जहां अश्विनी लोहानी ने अजीब जवाब देकर टालमटोल कर दी, वहीं हरिरंजन राव हैरत में हैं कि 2015 के मामले में अचानक कहां से जांच शुरु हो गई।

टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद लोकायुक्त संगठन को शिकायत पहुंची थी, लेकिन तब से ही यह मामला ठंडे बस्ते में पड़ा था। लेकिन अब कांग्रेस सरकार आने के बाद जांच शुरु हो गई।


ऐसे उपकृत किया अफसरों ने

टेंडर की शर्त थी कि कंपनी-संस्था, एजेंसी का कमीशन/सर्विस चार्ज/रिलीविंग चार्ज, एकमुश्त को जोडकऱ प्रति माह, प्रति व्यक्ति दरें पेश की जाना होगा। इसके चलते रतन एंपोरियम ने 82 रुपए प्रति माह, प्रति व्यक्ति, वान्या सिक्योरिटीज ने 999 प्रति व्यक्ति प्रति माह और बालाजी सिक्योरिटीज ने 1392 रुपए प्रति माह प्रति व्यक्ति दरें टेंडर में पेश की।

इसमें रतन एंपोरियम ने सर्विस चार्ज/रिलीविंग चार्ज आदि की दरें पेश ही नहीं की। मात्र 82 रुपए प्रति माह प्रति व्यक्ति पेश की गई, जिसके आधार पर ही रतन एंपोरियम कंपनी को टेंडर दे दिया गया है।

लोकायुक्त पुलिस ने श्रम विभाग से जानकारी मांगकर यह पता लगाया कि क्या 82 रुपए में प्रति माह, प्रति व्यक्ति भुगतान किया जा सकता है? क्या यह श्रम कानून के अनुसार सही है, इस पर श्रम विभाग ने लोकायुक्त को बताया कि ऐसा करना संभव ही नहीं है। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने जांच की तो पाया कि कंपनी को उपकृत करने के लिए अधिकारियों ने टेंडर की शर्तों को तोड़मरोड़ कर लाभ पहुंचा दिया।


सांठगांठ कर पहुंचाया अवैध लाभ

लोकायुक्त पुलिस को जांच में यह जानकारी मिली है कि अधिकारियों ने रतन एंपोरियम के साथ मिलकर सांठगांठ की और कंपनी को अवैध तरीके से लाभ पहुंचाया है। रतन एंपोरियम को 1 अगस्त, 2015 को कार्यादेश भी जारी कर दिया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि इस प्रक्रिया में भारी भ्रष्टाचार करते हुए अधिकारियों ने पद का दुरुपयोग किया है।

शिकायत लंबित थी, जिस पर हमने पर्यटन विकास निगम के तत्कालीन और वर्तमान अधिकारियों को नोटिस देकर जवाब मांगा है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

- इरमिन शाह, लोकायुक्त एसपी

लोकायुक्त का पत्र आया है, लेकिन इस पर तुरंत जानकारी दी जाना संभव नहीं है। रिकॉर्ड देखकर जवाब दिया जाएगा।

- हरिरंजन राव, प्रमुख सचिव, पर्यटन विभाग

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