
ब्यूरो, भोपाल। हिमाचल प्रदेश की तरह अब मध्यप्रदेश से आईएएस सहित अन्य सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों को विदेश यात्रा करने के बाद लौटने पर स्टडी रिपोर्ट देना अनिवार्य होगा। सामान्य प्रशासन मंत्री डा.गोविंद सिंह ने मुख्मयंत्री कमलनाथ को इसकी अनिवार्यता लागू करने के लिए चिट्ठी लिखी है।
वर्तमान में आइएएस अफसरा विदेश यात्रा तो कर आते हैं, लेकिन इसकी कोई रिपोर्ट शासन को जमा नहीं करते हैं। इस कारण यह आकलन ही नहीं हो पाता कि अफसर की विदेश यात्रा से मध्यप्रदेश को कोई फायदा मिला या नहीं। सैर-सपाटे के लिए बढ़ती विदेश यात्रा की प्रवृत्ति पर लगाम लगाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
दरअसल, कुछ समय पूर्व ही हिमाचल सरकार ने आइएएस सहित दूसरे अफसरों की विदेश यात्रा पर लगाम लगाई है। इसके बाद अब मध्यप्रदेश सरकार में इसके कदम उठे हैं। मंत्री डा. सिंह ने लिखा है कि आईएएस सहित दूसरे अफसर जब तक अपने विदेश दौरे की रिपोर्ट नहीं देते हैं,
तब तक उन्हें आगामी विदेश दौरे की मंजूरी नहीं दी जाए। सिंह ने मांग की है कि विदेश दौरे को लेकर स्पष्ट नीति बने। दरअसल, अभी आइएएस अफसर अपने दौरे का कोई आकलन नहीं देते हैं। अब नए नियम बनते हैं तो निर्धारित टाइम-पीरियड में अफसरों को रिपोर्ट देना होगी।
इसमें एक निश्चित समयावधि तक रिपोर्ट नहीं देने की स्थिति में उन पर विदेश यात्रा के लिए एक निश्चित समयावधि के लिए पाबंदी का नियम भी लागू किया जा सकता है। हाल ही में आइएएस अफसरों ने कोरिया सहित कई यात्राएं की हैं, लेकिन उनकी रिपोर्ट नहीं दी गई। बाद में इन अफसरों के दौरे के आधार पर दूसरे अधीनस्थ अफसरों के दौरे भी प्लान कर लिए गए। इस तरह की स्थिति के कारण ही नियमों में सख्ती लाई जा रही है।
हिमाचल में ऐसा नियम-
हिमाचल प्रदेश में यह नियम लागू कर दिया गया है कि आइएएस सहित अन्य प्रशासनिक अफसरों को प्रशिक्षण दौरे को छोड़कर बाकी सभी विदेशी दौरों की अफसरों को दो हफ्तों में रिपोर्ट सौंपनी होगी। जब तक यह रिपोर्ट नहीं सौंपी जाती है, तब तक अगले विदेश दौरे की अनुमति न दी जाए। दौरे की रिपोर्ट की पीपीटी तैयार कर उसमें अपनी अनुशंसा और विभागीय मंत्री के लिए स्पष्ट रोड मैप तैयार करना होगा।
Published on:
13 Jan 2020 10:22 am

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