
तम्बाकू व सुपारी खाने से मुंह खुलना धीरे-धीरे कम हो जाता है। ऐसे में मुंह पूरा खुले इसके लिए सर्जरी करने की जरूरत पड़ती है। इसी सर्जरी से बचाने के लिए एम्स के डॉक्टरों ने ओरल फिजियोथेरैपी डिवाइस का आविष्कार किया है। यह उपकरण कम मुंह खोलने वाले रोगियों (ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस और टेम्पोरोमैंडिबुलर जॉइंट एंकिलोसिस) के लिए बेहद लाभकारी है। यही वजह है कि इस तकनीक को केंद्र सरकार की तरफ से पेटेंट दिया गया है।
डॉ. अंशुल राय का पहला पेटेंट, अब तक मिले 6 कॉपीराइट
एम्स के ओरल और मैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉ. अंशुल राय को अब तक 6 कॉपीराइट मिल चुके हैं। डॉ. राय के अनुसार उन्होंने करीब 4 से 5 पेटेंट के लिए आवेदन किया है। जिसमें से एक ओरल फीजियोथेरैपी डिवाइस भी था। करीब पांच साल के समय के बाद उन्हें सरकार की तरफ से यह पेटेंट मुहैया कराया गया है। अन्य आवेदन भी प्रक्रिया में हैं।
चार ग्रेड में होती है मुंह न खुलने की समस्या
डॉ. राय के अनुसार मुंह ना खुलने की समस्या के चार ग्रेड हैं। जितना कम मुंह खुलता है उतना ही ग्रेड बढ़ जाता है। यह नया उपकरण ग्रेड एक और दो के मरीजों को बिना सर्जरी के खोलने में सक्षम है। वही ग्रेड 3 और ग्रेड चार के मरीजों में उपकरण सर्जरी के बाद सुधार होने की क्षमता बढ़ाता है। जो मुंह खोलने पर प्रतिबंध वाले लोगों के लिए एक अनुरूप समाधान है।
डिवाइस की डिजाइन और फोटो नहीं हुई जारी
डिवाइस की डिजाइन व फोटो को अभी उजागर नहीं किया गया है। इसका कारण यह है कि दो से तीन कंपनियों के साथ इस डिवाइस को लेकर एमओयू करने की योजना है। वहीं इससे मिलने वाली राशि को रोगी कल्याण समिति को देने की बात कही जा रही है। जिससे उसे मरीजों के हित में उपयोग किया जा सके।
Updated on:
01 Jan 2024 11:34 pm
Published on:
01 Jan 2024 11:33 pm
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