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महाशिवरात्रि पर उज्जैन आ रहे हैं तो यहां भी जरूर जाएं

Mahashivratri Ujjain:यदि आप भी महाशिवरात्रि पर दर्शन करने के लिए उज्जैन आने वाले हैं तो यह खबर आपके काम की है। यहां महाकाल मंदिर के साथ ही महाकाल लोक और अन्य धार्मिक स्थल भी हैं जहां आपको जरूर आना चाहिए। इस बार महाशिवरात्रि पर 10 लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान है, ऐसे में मंदिर में हर यात्री को 40 मिनट में दर्शन कराने की व्यवस्था की जा रही है। फिर भी उज्जैन आने से पहले आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और किन स्थानों पर जरूर जाना चाहिए। प्रस्तुत है पत्रिका.कॉम की एक रिपोर्ट...।

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भोपाल

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Puja Roy

Feb 19, 2024

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टूरिज्म के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में कई बेहतरीन डेस्टिनेशन्स है। धार्मिक टूरिज्म की दृष्टि से उज्जैन काफी अहम स्थान है, जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। तो आप भी उज्जैन आएंगे तो यहां के ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों को देखना न भूलें। उज्जैन आप एक दिन में भी देखकर लौट सकते हैं, जो रुकना चाहते हैं, उन्हें पहले से यहां होटल की बुकिंग करवा लेना चाहिए।

श्रीमहाकालेश्वर मंदिर
बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर प्रमुख मंदिर है। विश्व प्रसिद्ध इस मंदिर से लगे महाकाल लोक कॉरिडोर ने भी यहां की खूबसूरती और आकर्षण बढ़ा दिया है। यह रुद्रसागर झील से घिरा हुआ है, जो 900 मीटर से अधिक पुरानी झील है। महाकाल लोक में आप 108 स्तंभों के साथ लगभग 200 मूर्तियाँ और भगवान शिव की कहानियों को दर्शाने वाली विभिन्न पेंटिंग देख सकते हैं। रात के समय इस मंदिर की खूबसूरती और भी खूबसूरत होती है।

राम घाट
रामघाट यहां के सबसे पुराने स्नान घाटों में से एक है। जब सिंहस्थ का आयोजन होता है तो इसी घाट पर शाही स्नान की व्यवस्था की जाती है। यहां प्रतिदिन रात 8 बजे आरती की जाती है, जो बेहद आकर्षित करती है। इसलिए महाकाल दर्शन करने के बाद रात्रि में यहां की आरती में जरूर शामिल होना चाहिए। यहां आपको अद्भुत शांति मिलेगी।

सांदीपनि आश्रम
सांदीपनि आश्रम क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित है। इसी आश्रम में गुरु सांदीपनि ने भगवान कृष्ण उनके मित्र सुदामा और उनके भाई बलराम को शिक्षा दी थी। इस आश्रम के पास एक पत्थर है, जिस पर 1 से 100 तक की संख्या देखने को मिलती है। इसे स्वयं गुरु सांदीपनि ने लिखा था।

गोपाल मंदिर
गोपाल मंदिर जिसे द्वारकाधीश मंदिर के नाम से जाना जाता है। उज्जैन के बड़े बाजार चौक के मध्य में स्थित है। यह महाकालेश्वर मंदिर के बाद शहर का दूसरा सबसे बड़ा मंदिर है। इस मंदिर में भगवान कृष्ण की चांदी से मढ़ी हुई दो फीट ऊंची संगमरमर की मूर्ति है।


कालभैरव मंदिर
कालभैरव मंदिर भक्तों के लिए एक पवित्र स्थान है। लोगों की गहरी आस्था के कारण यह मंदिर वर्षों से एक पर्यटक स्थल रहा है। मंदिर के प्रति लोगों की असीम आस्था है। शहर और इसके लोगों के बारे में अधिक जानने के लिए आपको इसे अवश्य देखना चाहिए।

जंतर मंतर
जंतर-मंतर में यहां आपको प्राचीन वेधशाला देखने को मिलेगी। यहां खगोल विज्ञान का महत्व आपको बताया जाएगा। उज्जैन से ही कर्क रेखा गुजरी है। यहां आपको ऐसी ही कई दिलचस्प चीजों के बारे में जानकारी मिलेगी। आप सप्ताह के प्रत्येक दिन सुबह 7 से शाम 7 बजे तक जंतर-मंतर पर जा सकते हैं। भारतीय पर्यटकों के लिए प्रवेश टिकट 40 रु. प्रति व्यक्ति हैं औऱ विदेशी पर्यटक के लिए 200 रु. प्रति व्यक्ति है।

कालियादेह महल
मंदिरों की भीड़ ने उज्जैन को भारत में एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल बनाने में योगदान दिया है। लेकिन इस शहर में भक्तों और मंदिरों के अलावा भी बहुत कुछ है। यदि आप देश में उज्जैन के ऐतिहासिक महत्व के बारे में अधिक जानना चाहते हैं तो आपको कालिदेह पैलेस अवश्य जाना चाहिए। यह महल उज्जैन के सांस्कृतिक महत्व और उसके राजाओं और राजकुमारों के इतिहास को दर्शाता है। आप दिन के किसी भी समय कालियादेह पैलेस की यात्रा कर सकते हैं।


कैसे पहुंचे

हवाई मार्ग से
उज्जैन के नजदीकी एयरपोर्ट इंदौर में है। देवी अहिल्याबाई होलकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट कई राज्यों से जुड़ा है, वहीं यहां विदेशों से भी सीधी फ्लाइट आती है। इस एयरपोर्ट से कैब लेकर उज्जैन पहुंच सकते हैं।

रेल मार्ग से
उज्जैन रेलवे स्टेशन एक ऐसा जंक्शन है, जहां से तीन दिशाओं में ट्रेनें जाती हैं। एक तरफ भोपाल से ट्रेन से पहुंचा जा सकता है, दूसरी तरफ रतलाम से पहुंच सकते हैं, वहीं इंदौर से भी ट्रेन से पहुंच सकते हैं।