
भोपाल. टैटू गुदवाने की परंपरा बहुत पुरानी है। पहले यह एक सांस्कृतिक परंपरा थी। अब श्रृंगार का एक रूप है। डांडिया-गरबा नाइट्स के लिए बड़ी संख्या में युवक और युवतियां शौकिया तौर पर अपनी बॉडी पर टैटू बनवा रही हैं। 10 नंबर मार्केट, न्यू मार्केट, शाहपुरा और शहर के तमाम मॉल्स से लेकर सड़क किनारे फुटपाथ पर टैटू बनवाने वाले उपलब्ध हैं। इनमें से अधिकतर एक ही सुई और एक ही रंग से कईयों की बॉडी में टैटू बनाते हैं। लेकिन, 200 से लेकर 500 रुपए में बनने वाले ये टैटू सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं। चिकित्सकों का कहना है कि इससे एचआइवी, हेपटाइटिस बी,सी और त्वचा में एलर्जी हो सकती है। इसलिए सस्ते के चक्कर में न पड़कर प्रोफेशनल आर्टिस्ट से ही टैटू बनवाना चाहिए।
जरूर बदलें सुई
चिकित्सकों का कहना है कि फुटपाथ पर बैठे अधिकांश टैटू कलाकार अमूमन बीमारियां ही बांटते हैं। इसलिए इनसे टैटू बनवाने से बचें। टैटू के लिए हरेक को नयी सुई का ही इस्तेमाल करना चाहिए। अपने सामने ही नई सुई का पैकेट खुलवाएं। उपकरण स्टरलाइज करवाएं।
एलर्जी को चिकित्सक से सलाह लें
कॉस्मेटिक डर्मेटोलॉजिस्ट चिकित्सकों के अनुसार कई बार टैटू बनवाते समय त्वचा छिल जाती है। इससे सुई शरीर के ब्लड और प्लाज्मा के संपर्क में आ जाते हैं। इससे एचआइवी, हेपेटाइटिस और अन्य संक्रमित बीमारियां का खतरा बढ़ जात है। इसलिए टैटू बनवाने के बाद त्वचा में एलर्जी हो या खुजली महसूस हो तो तुरंत चिकित्सक से सलाह लें।
युवा टैटू बनवाने से पहले सोंचे
अगर आपक टैटू बनवाने की सोच रहे हैं तो एक बार यह भी जान लें कि टैटू के बाद कई सरकारी नौकरियों से हाथ धो बैठेंगें। हालांकि, टैटू के आकार को लेकर कोई शर्त नहीं है। पर शरीर पर एक भी टैटू पाए जाने पर नौकरियों से कैंडिडेट को रिजेक्ट कर दिया जाता है। जिसकी जांच फिजिकल टेस्ट के दौरान की जाती है। इनमें भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय सेना, भारतीय तटरक्षक बल पुलिस बल आदि शामिल हैं।
टैटू से बोर हो गए तो ऐसे हटाएं
आजकल बाजार में परमानेंट टैटू हटाने के लिए टैटू रिमूवल क्रीम मिलती है। लेकिन ध्यान रखें यह अच्छी क्वालिटी की ही हो। इसके अलावा क्यू स्विच्ड लेजर तकनीक से त्वचा पर लाइट की किरण डालकर टैटू की इंक को खत्म किया जाता है। तीव्र स्पंदित लाइट थेरेपी का प्रयोग किया जा रहा है। लेकिन यह सभी प्रक्रिया त्वचा को नुकसान पहुंचाने वाली हैं। इसलिए सोच समझकर ही टैटू बनवाएं।
इन बातों का रखें ध्यान
-टैटू आर्टिस्ट हाथ में ग्लब्स पहने हो
-सुई और अन्य उपकरण स्टरलाइज हो
-हमेशा नई सुई का ही इस्तेमाल करें
-रंग ऐसे हों जो शरीर को नुकसान न पहुंचाएं
टैटू बनवाते समय सुई शरीर के ब्लड और प्लाज्मा के संपर्क में आती है। वायरस-बैक्टीरिया वाली सुई से टैटू बनाया जाता है तो व्यक्ति के संक्रमित होने का खतरा रहता है। इन संक्रमण में एचआइवी, हेपेटाइटिस बी और सी समेत अन्य रोग शामिल हैं।
-डॉ. प्रणव रघुवंशी, गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट, भोपाल
संक्रमित सुई से टैटू बनवाने से कई बीमारियों का खतरा रहता है। इसके अलावा कई लोगों को स्याही से भी एलर्जी होती है। जिसके कारण उन्हें त्वचा संबंधी कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। -डॉ। अन्ना एलेक्स, एमडी, त्वचाविज्ञान, जीएमसी
Published on:
22 Sept 2023 01:05 am

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