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आईआईएफएम के डायरेक्टर के पत्र ने वन विभाग को किया हैरान

- डायरेक्टर ने कहा, बार-बार रिकवरी का पत्र लिखकर अधिकारी कर रहे हैं हरास - मुझे रिकवरी का बार-बार पत्र देकर हरास किया जा रहा है। इससे पद-प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंच रही है।

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भोपाल

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Ashok Gautam

Nov 01, 2021

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भोपाल। भारतीय वन प्रबंध संस्थान (आईआईएफएम) भोपाल के डायरेक्टर पंकज श्रीवास्तव के एक पत्र ने वन विभाग को हैरान कर दिया है। उन्होंने वन बल प्रमुख को विभाग के अधिकारियों के खिलाफ पत्र लिखा कर कहा है कि मेरे इंदौर के माकान का किराया डीएफओ द्वारा गलत आंकलन किया जा रहा है। मुझे रिकवरी का बार-बार पत्र देकर हरास किया जा रहा है। इससे पद-प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंच रही है।
बताया जाता है कि पंकज श्रीवास्तव ने इंदौर स्थानांतरण होने के बाद भी माकान में लंबे समय तक अनाधिकृत कब्जा कर रखा था। उन्होंने इंदौर शहर में सी-टाइप के आवास में लंबे समय से कब्जा कर रखा था। तत्कालीन डीएफओ धीमान ने सात लाख रूपए की रिकवरी निकाल दी थी। श्रीवास्तव का कहना था कि वे सी-टाईप के आवास में रहते थे, जिसका किराया तीन लाख के आस पास बनता है। इन्होंने तीन लाख रूपए जमा भी कर दिया। जबकि विभाग का कहना है कि इस पर 4 लाख 64 हजार की रिकवरी बनती है। एक लाख 64 हजार रूपए जमा करने के लिए विभाग इन्हें बार बार पत्र लिख रहा है, क्योंकि पंकज श्रीवास्तव जनवरी में सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
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पांच अन्य अधिकारियों से निकाली थी रिकवरी
दर असल आईएफएस अधिकारी इंदौर से ट्रांसफर होने के बाद भी अपने बच्चों को पढ़ाने और प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग कराने के लिए शासकीय नहीं छोड़ते थे। तत्कालीन डीएफओ धीमान ने जितने अधिकारियों के बच्चे शासकीय आवास में रहकर पढ़ते थे, उनसे माकान खाली करा दिया और अधिकारियों पर रिकवरी निकाल कर राशि जमा करने के लिए नोटिस भी जारी कर दिया। इसी को आधार बनाते हुए एक समाजसेवी ने लोकायुक्त में शिकायत कर दी। लोकायुक्त में शिकायत होने के बाद सभी अधिकारी रिकवरी राशि को संशोधित कराकर बकाया राशि जमा कर दिया। जबकि पंकज श्रीवास्तव ने डेढ़ लाख रूपए, इसको आधार बनाने हुए जमा नहीं किया कि जिस तरह से अन्य अधिकारियों के माकान के किराया का आंकलन किया गया है, वैसे मेरा भी किया जाए। उनके अनुसार माकान का किराया तीन लाख रूपए बनता था जो जमा कर दिया।


सेवानिवृत्त पीसीसीएफ की फाइल गायब
सेवानिवृत्त पीसीसीएफ अनिल श्रीवस्तव के माकान का किराय कम करने से जुड़ी फाइल विभाग से गायब हो गई है। इनके माकान का किराया कम कैसे किया गया, विभाग इसकी छानबीन कर रहा है क्योंकि इन्हीं के माकान के किराया आंकलन को आधार बनाने हुए पांच पीसी दुबे सहित कई पूर्व और वर्तमान आईएफएस अधिकारियों ने माकान का किराया शासन से कम कराया है।

ये है किराया बकाया
पंकज श्रीवास्तव------- 705640
बीए अन्ना गैरी -- ---539658
ममता सत्यवादी-----191700
संजय शुक्ला---- 360000
ओपी शर्मा -----399958
पीसी दुबे------80000