
आईआईएफएम में शुरू होगा दो वर्षीय पीजीडीएसएम कोर्स
भोपाल। भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (आईआईएफएम) में 14वां दीक्षांत समारोह सोमवार को आयोजित किया गया। इसमें पीडीएफएम प्रोग्राम के 2017-19 बैच के स्टूडेंट्स को डिप्लोमा दिया गया। दीक्षांत समारोह में पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव सीके मिश्रा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान 92 स्टूडेंट्स को डिप्लोमा प्रदान किया गया। साथ ही 7 एफपीएम (डॉक्ट्रेट डिग्री के समतुल्य) स्टूडेंट्स को भी डिप्लोमा प्रदान किया गया। इसी बैच के श्रेष्ठ शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले दो स्टूडेंट्स को चेयरमैन गोल्ड मेडल और चेयरमैन सिल्वर मेडल से पुरस्कृत किया गया। जिसमें अभिषेक गवांडे को चेयरमैन गोल्ड मेडल तथा रजनीश शर्मा को चेयरमैन सिल्वर मेडल प्रदान किया गया। मुख्य अतिथि सीके मिश्रा ने कहा कि यह संस्थान आगामी वर्ष से एक दोवर्षीय स्नातकोत्तर कार्यक्रम 'पोस्ट ग्रेÓयुएट डिप्लोमा इन सस्टेनेबिलिटी मैनेजमेंट' शुरू करने जा रहा है। जिससे विकास के लक्ष्यों को प्राप्त किया जाएगा। जिसमें पेशेवरों की अत्यधिक मांग है। भारतीय वन प्रबंध संस्थान टीचिंग केस सेंटर बनाते हुए ज्ञानार्जन में सुधार के लिए उल्लेखनीय प्रयास कर रहा है।
एनबीए एक्रिडिटेड प्रोग्राम भी होगा
संस्थान के निदेशक डॉ. पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि इस वर्ष हमारे संस्थान में प्लेसमेंट के लिए आने वाले संगठनों में 40 प्रतिशत नए संगठन थे। संस्थान के छात्रों का औसत पैकेज 7.5 लाख प्रति वर्ष रहा है। इस वर्ष से पीजीडीएफएम डिप्लोमा एआईसीटीई से अनुमोदित होने के साथ-साथ एनबीए द्वारा एक्रिडिटेड कार्यक्रम भी होगा। इसी प्रकार निजी वानिकी क्षेत्र में प्रशिक्षित व्यक्ति उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 'चार्टर्ड फॉरेस्टरÓ पर एक सर्टिफिकेट कोर्स भी शुरू किया जाएगा।
आरबीआई एग्जाम की तैयारी करूंगा
रजनीश ने बताया कि मैं बैंक और फाइनेंस में जॉब करना चाहता था। फ्रेंडस ने आईआईएफएम में एडमिशन लेने का सुझाव दिया। मैंने डेवलपमेंट एंड फाइनेंस मैनेजमेंट प्रोग्राम ज्वाइन किया। मेरा कैंपस में सलेक्शन हुआ है। मुझे एलएनटी फाइनेंशियल सर्विस में अस्टिेंट मैनेजर की पोस्ट मिली है लेकिन मैं अभी आरबीआई ग्रेड-बी एग्जाम की तैयारी करूंगा।
पर्यावरण के क्षेत्र में देना है योगदान
अभिषेक ने बताया कि मेरा कोर्स 20 मार्च को ही खत्म हो गया था। मुंबई के एनजीओ स्वदेश फाउंडेशन में रूरल डेवलपमेंट एरिया में योगदान दूंगा। मैंने 2016 तक एक आईटी कंपनी में काम किया, तभी मेरा ध्यान पर्यावरण की ओर बढ़ा। इसी को देखते हुए मैंने पीडीएफएम प्रोग्राम ज्वाइन किया। मेरे पिता भी एग्रीकल्चर कॉलेज में प्रोफेसर हैं तो उन्होंने भी मेरा सपोर्ट किया।
Published on:
09 Apr 2019 03:41 pm
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