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आइसर भोपाल ने बनाया रासायनिक युद्ध का सुरक्षा कवच, मस्टर्ड गैस जैसे रसायनों को कर देगा इने​क्टिव

आइआइएसइआर भोपाल ने विकसित किया यूसीपीओपीएयू फोटोकैटलिस्ट, यह नई सामग्री सौर ऊर्जा और प्रकाश की मदद से हानिकारक पदार्थों को कम घातक बनाने में सक्षम

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भोपाल

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Sunil Mishra

Jan 06, 2024

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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च - आइआइएसइआर भोपाल ने यूसीपीओपीएयू नामक फोटोकैटलिस्ट विकसित किया है, जो किसी रासायनिक युद्ध में सुरक्षा कवच के रूप में काम कर सकता है। रासायनिक युद्ध एजेंटों को बेअसर करने के तरीकों पर दुनिया भर में शोध लगातार जारी है। ऐसे में भोपाल में शोधकर्ताओं द्वारा विकसित फोटोकैटलिस्ट इस काम को और गति देने में मदद करेगा। यह मस्टर्ड गैस जैसे अत्यधिक जहरीले रसायन को डिटॉक्स करने में सक्षम है। मस्टर्ड गैस व्यक्ति के तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) को प्रभावित करती है। जिससे मौत तक हो सकती है।

गैस कांड जैसी स्थिति में भी होगा बचाव

अनुसंधान टीम का सुझाव है कि यूसीपीओपीएयू (पदार्थ) का उपयोग व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण बनाने के लिए किया जा सकता है। यानी ऐसे मास्क व सूट तैयार किए जा सकते हैं जिन्हें पहन कर भोपाल में हुए गैस कांड जैसी स्थिति में बचाव कार्य किए जा सकें। ऐसा इसलिए क्योंकि यह जहरीले रसायनों को तोड़ने के लिए सौर ऊर्जा व प्रकाश का उपयोग करता है।

क्या है यूसीपीओपीएयू, क्यों यह सबसे बेहतर

यूसीपीओपीएयू एक प्रभावी फोटोकैटलिस्ट है। यानी एक ऐसा पदार्थ जो रासायनिक प्रक्रियाओं को तेज करने के लिए सौर ऊर्जा या प्रकाश का उपयोग करता है। वर्तमान में कई प्रकार के फोटोकैटलिस्ट उपयोग हो रहे है। लेकिन कुछ केवल यूवी तो कुछ प्रकाश के उच्च ऊर्जा भागों के उपस्थिति में ही काम करते हैं। यह नया फोटोकैटलिस्ट यूवी, विजिबल लाइट, एनआइआर लाइट समेत प्रकाश के पूरे स्पेक्ट्रम का उपयोग करता है। जिससे रासायनिक प्रक्रियाओं को अधिक गति मिलती है।

निष्कर्षों को जर्नल एंजवेन्टे केमी में प्रकाशित किया

इस शोध के निष्कर्षों को जर्नल एंजवेन्टे केमी में प्रकाशित किया गया। जिसे रसायन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर अभिजीत पात्रा और उनकी टीम शिल्पी जायसवाल, डॉ. अर्कप्रभा गिरि, डॉ. दिपेंद्रनाथ मंडल और मधुरिमा सरकार ने तैयार किया है।

ऐसे किया गया टेस्ट, 5 बार हो सकता है इस्तेमाल

इस फोटोकैटलिस्ट का परीक्षण करने के लिए टीम ने एक मस्टर्ड गैस सिमुलेंट का प्रयोग किया। जिसे डिटॉक्सीफाई करने के लिए सूती कपड़े के एक छोटे टुकड़े पर लगाया गया। यूसीपीओपीएयू को भी साथ ही लेपित किया। जिसके बाद इसे सीधे सूर्य के प्रकाश में रखा गया। एक अन्य फोटोकैटलिस्ट की तुलना में यूसीपीओपीएयू ने प्रक्रिया में काफी तेजी लाई। खास बात यह है कि इसे 5 बार तक इस्तेमाल किया जा सकता है।