शिवराज कैबिनेट के अहम फैसले : गुड गवर्नेंस की दिशा में सरकार का बड़ा कदम, 4 स्टेट हाईवे पर लगेगा टोल

शिवराज कैबिनेट के बैठक में हुए फैसलों के संबंध में जानकारी देते हुए सरकार के प्रवक्ता और गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया...।

By: Faiz

Updated: 13 Sep 2021, 11:52 PM IST

भोपाल. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में सोमवार देर शाम हुई कैबिनेट की अहम बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिये गए। बैठक के दौरान फैसला लिया गया कि, गुड गवर्नेंस की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री शिवराज ने निर्देश दिये कि, कोई भी फाइल अब अधिकारियों या मंत्रियों के पास तीन दिन से ज्यादा नहीं रुकेगी। काम की गति तेज करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।

साथ ही, अब प्रदेश के 4 राजमार्गों पर दौबारा से टोल टैक्स वसूला जाएगा। इसके लिए लोक निर्माण विभाग नए सिरे से एजेंसी तय करेगा। कैबिनेट ने अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं नि:शक्तजनों के बैकलॉग पदों पर भर्ती के लिए चल रहे अभियान की अवधि एक साल बढ़ाने के प्रस्ताव को भी सहमति दी है। इसी तरह, न्यायिक सेवा के चयनित उम्मीदवारों से 5 लाख रुपए का बांड भरवाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिल गई है।

शिवराज कैबिनेट के बैठक में हुए फैसलों के संबंध में जानकारी देते हुए गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि, मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के तहत सागर-दमोह, बीना-खिमलासा-मालथौन, महू-घाटा बिल्लौद और भिंड-मिहोना-गोपालपुरा मार्ग पर टोल टैक्स वसूला जाएगा, लेकिन इन्वेस्टर्स ने अनुबंध समाप्ति का अनुरोध किया था। निगम ने दिसंबर 2020 में अनुबंध समाप्त कर दिए। अब इन मार्गों पर नए सिरे से टोल टैक्स लेने के लिए एजेंसी तय करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट से मंजूरी मांगी थी, जिसे आज स्वीकृति दे दी गई है।

 

पढ़ें ये खास खबर- रोजगार को लेकर CM शिवराज का बड़ा बयान, बताया सरकार का प्लान


लिये गए मह्तवपूर्ण फैसले

इसी तरह, अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं नि:शक्तजनों के बैकलॉग पदों की पूर्ति के लिए विशेष भर्ती अभियान की अवधि एक जुलाई 2021 से 30 जून 2022 तक बढ़ाने का फैसला लिया गया है। बता दें कि, 30 जून 2021 को विशेष भर्ती अभियान की अवधि पूरी हो चुकी है। वहीं, न्यायिक सेवा में चयनित अभ्यार्थी को नियुक्ति के समय 3 साल देने संबंधी 5 लाख रुपए का बांड देना होगा। इसके लिए मध्य प्रदेश उच्च न्यायिक सेवा (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) नियम 2017 में संशोधन को मंजूरी दी गई है। दरअसल, सरकार उच्च न्यायालय की अनुशंसा पर प्रदेश की उच्च न्यायिक सेवा (भर्ती और सेवा की शर्तें) नियम 2017 में संशोधन करने की तैयारी में है।

इसके अनुसार पदभार ग्रहण करने के बाद न्यूनतम 3 साल तक सेवा देना अनिवार्य होगा। किसी भी कारण से त्यागपत्र देकर सेवाएं नहीं देने पर बंधपत्र की राशि या 3 माह के वेतन व भत्ते, जो अधिक हो, देय होगी। इस शर्त का उल्लंघन करने पर बॉन्ड की राशि राजसात की जा सकेगी। यदि केंद्र या राज्य सरकार की अनुमति लेकर त्यागपत्र दिया जाता है तो बॉन्ड की राशि का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होगी।

 

पढ़ें ये खास खबर- बिस्टान हिंसा मामला : SP के बाद SDOP पर गिरी गाज, सरकार ने किया निलंबित


चिकित्सा के क्षेत्र में लगी मुहर

मानसिक चिकित्सालय इंदौर का उन्नयन सेंटर फाॅर एक्सीलेंस के रूप में किया जाएगा। इससे मनोरोग विषय में एमडी की चार, क्लीनिकल साइकोलॉजी में 18 एमफिल, साइकैट्रिक सोशल वर्क में 18 एमफिल और साइकैट्रिक नर्सिंग डिप्लोमा कोर्स की 40 अतिरिक्त सीट सुरु की जा सकेंगी। वहीं, महाराजा काॅलेज छतरपुर का सभी संसाधनों समेत महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में संविलियन के प्रस्ताव पर मुहर लगी है।


लागू होगी एथेनॉल पॉलिसी

शिवराज कैबिनेट ने एथेनॉल पॉलिसी को भी मंजूरी दे दी है। इस पॉलिसी के तहत प्लांट और मशीनरी में किये गए पूंजी निवेश के 100 फीसदी से ज्यादा सीमा और पेट्राेल-तेल के उत्पादनों की इकाईयों के लिए उत्पादित एथेनॉल प्लांट के लिए डेढ़ रुपए प्रति लीटर की वित्तीय सहायता सरकार देगी। वहीं, पंजीयन शुल्क में 100 फीसदी स्टांप डयूटी की छूट दी जाएगी। वाणिज्य कर उत्पादन के लिए भी विद्युत शुल्क में छूट रहेगी। इसके साथ ही, अन्य और छूट एथेनॉल पॉलिसी के जरिये ही दी जाएगी।


कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले एक नजर में-

-इथेनॉल पॉलि

शिवराज कैबिनेट ने एथेनॉल पॉलिसी को भी मंजूरी दे दी है। इस पॉलिसी के तहत प्लांट और मशीनरी में किये गए पूंजी निवेश के 100 फीसदी से ज्यादा सीमा और पेट्राेल-तेल के उत्पादनों की इकाईयों के लिए उत्पादित एथेनॉल प्लांट के लिए डेढ़ रुपए प्रति लीटर की वित्तीय सहायता सरकार देगी। वहीं, पंजीयन शुल्क में 100 फीसदी स्टांप डयूटी की छूट दी जाएगी। वाणिज्य कर उत्पादन के लिए भी विद्युत शुल्क में छूट रहेगी। इसके साथ ही, अन्य और छूट एथेनॉल पॉलिसी के जरिये ही दी जाएगी।

 

पढ़ें ये खास खबर- आमिर खान से विज्ञापन कराने पर इतना नाराज हुआ युवक, बंद किया बैंक अकाउंट


कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले एक नजर में-

-इथेनॉल पॉलिसी को मिली मंजूरी।

-सभी मंत्री महीने में कम से कम 1 दिन अपने प्रभार के जिले में जनदर्शन जरूर करेंगे।

-नए कलेवर में सीएम हेल्पलाइन पुनः शरू की जा रही हैं।

-गुड गवर्नेंस में कोई भी फ़ाइल किसी भी मंत्री या अधिकारी के दफ्तर में 3 दिन से अधिक नहीं रख सकेंगे।

-सरकारी सेवाएं मोबाइल फेसिलिटी के रूप में मिलेंगी।

सी को मिली मंजूरी।

-सभी मंत्री महीने में कम से कम 1 दिन अपने प्रभार के जिले में जनदर्शन जरूर करेंगे।

-नए कलेवर में सीएम हेल्पलाइन पुनः शरू की जा रही हैं।

-गुड गवर्नेंस में कोई भी फ़ाइल किसी भी मंत्री या अधिकारी के दफ्तर में 3 दिन से अधिक नहीं रख सकेंगे।

-सरकारी सेवाएं मोबाइल फेसिलिटी के रूप में मिलेंगी।

 

कच्ची सड़क बनी मुसीबत, घायलों को खाट पर ले जाना पड़ता है अस्पताल - देखें Video

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned