
भोपाल। पीएमटी-2012 फर्जीवाड़े के आरोपी व सीबीआई कोर्ट में सरेंडर करने के बाद जेल भेजे गए पीपुल्स ग्रुप के चेयरमैन सुरेश एन विजयवर्गीय भोपाल मेमोरियल अस्पताल में भर्ती हैं। गुरुवार को पेट में दर्द होने की शिकायत पर डॉक्टरों की टीम ने सोनोग्राफी और एंडोस्कोपी सहित अन्य जांच की। सभी रिपोर्ट नॉर्मल है।
सीटी स्कैन किया गया, शुक्रवार को हार्ट का एंजियोग्राम होगा। विजयर्गीय ने मंगलवार को सरेंडर किया था। जेल में एक रात गुजारने के बाद ही सीने में दर्द की शिकायत पर उन्हें अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। भोपाल मेमोरियल में जिला पुलिस की एक चार की गार्ड निगरानी कर रही है।
सोमवार को उन्हें भर्ती किया गया था। मंगलवार को वे स्ट्रेचर पर विशेष कोर्ट पहुंचे और सरेंडर करने के बाद अस्पताल भेजने की अर्जी लगाई, लेकिन कोर्ट ने जेल भेजने के निर्देश दिए। जेल में एक रात गुजारने के बाद बुधवार को सीने में दर्द की शिकायत की जिसके बाद जेल अस्पताल में चेकअप के बाद हमीदिया रेफर किया गया।
हमीदिया में चिकित्सकों ने जांच के बाद विजयवर्गीय का हार्ट का इलाज जारी रखने के लिए भोपाल मेमोरियल रेफर कर दिया। जेल से निकलने के बाद विजयवर्गीय की निगरानी जिला पुलिस को सौंप दी गई है। जिला पुलिस लाइन से एक चार की गार्ड मेमोरियल में भर्ती विजयर्गीय पर नजर रख रही है।
तीन साल पहले हो चुकी है बाइपास सर्जरी
विजयवर्गीय की करीब तीन साल पहले हार्ट की बाईपास सर्जरी भोपाल मेमोरियल अस्पताल में हुई थी। डॉक्टर ने 1 और बाईपास कराने की सलाह दी थी, लेकिन यह लगातार टल रही थी। अब शुक्रवार को एंजियोग्राम टेस्ट के बाद आगे के इलाज के बारे में निर्णय लिया जाएगा।
पहले की खबर... 5 माह से फरार पीपुल्स के विजयवर्गीय सरेंडर के लिए स्ट्रेचर पर पहुंचे कोर्ट
व्यापमं महाघोटाले की पीएमटी-2012 में गड़बड़ी मामले के आरोपी पीपुल्स मेडिकल काॅलेज के चेयरमैन सुरेश एन. विजयवर्गीय मंगलवार को सरेंडर के लिए स्ट्रेचर पर सीबीआई कोर्ट में पहुंचे। कोर्ट में स्ट्रेचर पर सरेंडर कर दिया। सीबीआई जज बीपी पांडे ने विजयवर्गीय को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
इससे पहले विजयवर्गीय की ओर से कोर्ट में सरेंडर करने की अर्जी लगाई गई थी, जिसमें उन्हें गंभीर रूप से बीमार बताया गया था। साथ ही इलाज भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में चलने की जानकारी दी गई थी। सीबीआई के वकील सतीश दिनकर ने बताया कि आरोपी की ओर से कोर्ट में धारा 44 के तहत सरेंडर करने का जो आवेदन पेश किया था, उसे अदालत ने विधि अनुसार नहीं हाेने के कारण अमान्य कर दिया।
आवेदन में मांग की गई थी कि उन्हें अस्पताल से ही न्यायिक हिरासत में लिया जाए। इस पर सीबीआई के विशेष लाेक अभियोजक सतीश दिनकर ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा था कि जब तक आरोपी स्वयं कोर्ट में हाजिर नहीं होता है, तब उसका सरेंडर नहीं माना जाए। कोर्ट ने सीबीआई की ओर से पैरवी कर रहे दिनकर की दलील को मानते हुए आरोपी के वकील को विजयवर्गीय को अदालत में पेश करने को कहा था।
Published on:
04 May 2018 06:27 pm
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
