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अब मैं विश्व विजेता तमगे के साथ घर जाऊंगा

नीलकांता ने फोन पर बताया कि क्वार्टरफाइनल में पहुंचने के बाद टीम में जीत का दवाब था, क्योंकि तब एक हार और टीम बाहर होती। इसके अलावा मैदान में इतने दर्शकों के बीच खेलने से दवाब बढ़ गया था।

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rishi upadhyay

Dec 20, 2016

junior hockey team

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भोपाल। जूनियर वर्ल्ड कप में जीत का तमगा जीतने के बाद इंडिया टीम के नीलाकांता शर्मा ने बताया कि दो साल तक कड़ी मेहनत के बाद अब मैं विश्व विजेता तमगे के साथ घर जाऊंगा। अपने देश के लिए विश्वकप के लिए अपनी पढ़ाई तक छोड़ दी थी।


मप्र राज्य हॉकी अकादमी के इस खिलाड़ी ने कहा कि कक्षा 12 पास करने के बाद मैनें आगे की पढ़ाई के लिए एडमिशन नहीं लिया, क्योंकि मेरा चयन जूनियर हॉकी विश्वकप के लिए प्रशिक्षण शिविर में हो गया था।

neelkantha sharma

नीलकांता ने फोन पर बताया कि क्वार्टरफाइनल में पहुंचने के बाद टीम में जीत का दवाब था, क्योंकि तब एक हार और टीम बाहर होती। इसके अलावा मैदान में इतने दर्शकों के बीच खेलने से दवाब बढ़ गया था। ऐसे में हम सतर्क हॉकी खेलने लगे थे।


उन्होंने बताया कि फाइनल के एक दिन पहले की मीटिंग में सारी बातें तय हो गई थीं, कि हमें कैसे खेलना है और किसकी क्या भूमिका होगी।


neelkantha sharma

तब रणनीति बनी थी कि मैच जीतने के लिए हमें शुरुआत में ही गोल करने होंगे और हम कामयाब रहे।

टीम में अच्छा तालमेल
जीत पर नीलाकांता ने कहा कि जीत के पीछे सभी खिलाडिय़ों की मेहनत है। दो सालों से पूरी टीम एक साथ है। सभी एक दूसरे को जानते हैं और समझते हैं ऐसे में टीम में अच्छा तालमेल बना है।

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