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हर महीने 2 सेंटीमीटर धंस रहा है झीलों पर बसा शहर मैक्सिको, वजह जानकर हो जाएंगे हैरान

Mexico City Subsidence: मेक्सिको सिटी जिस जमीन पर बसा है, वह कभी एक बड़े झीलों के सिस्टम का हिस्सा थी। समय के साथ इन झीलों को सुखाया गया और इसी जमीन पर शहर को विकसित हुआ, लेकिन इसी वजह से यह इलाका अब बहुत अस्थिर भी हो गया है।

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भारत

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Saurabh Mall

May 02, 2026

Groundwater Depletion Mexico

झीलों पर बसा शहर मैक्सिको (एक प्रतीकात्मक AI जनरेटेड फोटो)

Groundwater Depletion Mexico: नासा और इसरो के संयुक्त 'निसार' सैटेलाइट से आई नई जानकारी के अनुसार, उत्तर अमरीकी देश मैक्सिको की राजधानी मैक्सिको सिटी का एक बड़ा हिस्सा लगातार धंस रहा है और कुछ इलाकों में यह प्रक्रिया काफी तेज है। अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच जुटाए गए डेटा के आधार पर वैज्ञानिकों ने पाया कि शहर के कुछ हिस्से हर महीने 2 सेंटीमीटर से भी ज्यादा नीचे जा रहे हैं।

वैज्ञानिकों को पहले से ही इसकी आशंका थी, लेकिन अब सैटेलाइट ने स्पष्ट और सटीकता से इसकी पुष्टि भी कर दी है। इसका मुख्य कारण जमीन के नीचे भूगर्भ जल का दोहन है। इससे पुरानी झीलों की मिट्टी, जिस पर पूरा शहर बसा है, धीरे-धीरे दबने और बैठने लगती है।

झीलों पर बसा है पूरा शहर

मेक्सिको सिटी जिस जमीन पर बसा है, वह कभी एक बड़े झीलों के सिस्टम का हिस्सा थी। समय के साथ इन झीलों को सुखाया गया और इसी जमीन पर शहर को विकसित हुआ, लेकिन इसी वजह से यह इलाका अब बहुत अस्थिर भी हो गया है।

सिढ़ियां जोड़कर बचाया स्मारक

जमीन की अस्थिरता का असर शहर के प्रसिद्ध स्मारकों पर भी देखा जा सकता है। स्वतंत्रता की 100वीं वर्षगांठ पर 1910 में बना 'एंजल ऑफ इंडिपेंडेंस' स्मारक भी इस धंसाव से प्रभावित हुआ है। इसे बचाने के लिए समय के साथ इसके आसपास 14 सीढ़ियां तक जोड़नी पड़ी हैं। अब यह 30 मीटर से भी ज्यादा ऊंचा स्मारक शहर के धीरे-धीरे नीचे जाने का एक प्रतीक बन चुका है।

नई समस्या नहीं, लेकिन…

मेक्सिको सिटी का धंसना कोई नई समस्या नहीं है, लेकिन निसार से मिली जानकारी पहले से कहीं ज्यादा स्पष्ट और विस्तृत है। यह न सिर्फ समस्या की गंभीरता को दिखाता है, बल्कि यह भी बताता है कि अगर पानी के इस्तेमाल और प्रबंधन में सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

जमीन की हलचल को पकड़ लेता है सैटेलाइट

निसार सैटेलाइन मिशन 2025 में भारतीय स्पेस एजेंसी इसरो और नासा ने संयुक्त रूप से लांच किया है। इसमें दो अलग-अलग रडार सिस्टम लगे हैं। इसमें लगे रडार घने जंगलों या कठिन इलाकों में भी जमीन की बहुत छोटी-छोटी हलचल को पकड़ सकते हैं।