आसमान से लेकर हिमालय की चोटी तक बॉलीवुड से लेकर राजनीति तक इन महिलाओं ने बढ़ाया सम्मान

इस खास खबर में हम मध्य प्रदेश की उन महिलाओं की बात करेंगे जिन्होंने न सिर्फ अपना और अपने परिवार का ही नहीं बल्कि देश का नाम भी रोशन किया है।

By: Faiz

Published: 08 Mar 2020, 07:00 AM IST

भोपाल/ किसी कवि ने क्या खूब लिखा हैं... तोड़ के हर पिंजरा, जाने कब मैं उड़ जाऊंगी, चाहे लाख बिछा लो बंदिशे, फिर भी दूर आसमान मैं अपनी जगह बनाऊंगी, हां गर्व है मुझे मैं नारी हूं...। नारी सम्मान के लिए हर साल 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। इस साल विश्व महिला दिवस 2020 के मौके पर 'I am Generation Equality, Realizing Women's Rights' पर आधारित थीम बनाई गई है। इसका मतलब है, 'इस पीढ़ी में मैं पुरुष के समान हूं और मैं अपने हक और अधिकारों को समझ रही हूं।'

 

प्रदेश की इन महिलाओं पर गर्व करता है देश

किसी दौर में घर की चार दीवारी में रहकर झाड़ू-बर्तन करने को मजबूर महिलाएं अब हर क्षेत्र में अपना और देश की नाम उज्जवल कर रही हैं। वो न सिर्फ पुरुषों से कांधे से कांधा मिलाकर चल रही हैं, बल्कि कई क्षेत्रों में उनसे आगे निकलकर एक अलग पहचान भी स्थापित कर रही हैं। इस खास खबर में हम मध्य प्रदेश की उन महिलाओं की बात करेंगे जिन्होंने न सिर्फ अपना और अपने परिवार का ही नहीं बल्कि देश का नाम भी रोशन किया है।


एयर स्ट्राइक से चर्चा में आई थी अवनि, आसमान भी करता है उनकी तारीफ

देश दुनिया में फ्लाइंग गर्ल के नाम से मशहूर प्रदेश के रीवा की रहने वाली अवनी चतुर्वेदी एयर स्ट्राइक के बाद फिर चर्चा मिली थी। बचपन में पक्षियों को खुले आसमान में उड़ते देखते हुई बड़ी हुई अवनि का सपना था कि वे भी इसी तरह आसमान उड़ान भरें और उनकी इसी जिद्द ने उन्हे देश की पहली फाइटर पायलट बना दिया। अवनि की स्कूलिंग शहडोल जिले के देवलांद में हुई। वहीं, उन्होंने राजस्थान की वनस्थली यूनिवर्सिटी से साल 2014 में बीटेक किया। इसी साल उन्होंने एयरफोर्स का एग्जाम भी पास करके देश सेवा में कदम रखा।


दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर एमपी की बेटी

पर्वतारोही मेघा परमार मध्य प्रदेश की पहली महिला है, जिन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह करने के बाद ऑस्ट्रेलिया के सबसे ऊंचे पर्वत माउंट कोशियासको पर भी फतह पा लिया। मेघा दुनिया के सातों महाद्वीपों में से चार महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटी पर पहुंच चुकी है। आपको बता दें कि, मेघा मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के भोज नगर की रहने वाली हैं। मेघा के किसान पिता दामोदर परमार व मां मंजू देवी की बेटी है।


देश के एकलौते स्थाई रचनात्मक आश्रय की संचालिका ने हुनर से बनाई दुनियाभर में पहचान

अपने हुनर के दम पर देश ही नहीं विदेशों में अपनी एक अलग ही पहचान स्थापित करने वाली मध्य प्रदेश के सतना जिले की समाजसेवी अंबिका बेरी इचौल आर्ट गैलरी की संचालिका है। अपने क्षेत्र में कर्मठ कार्य करने और नारी शक्ति की मिसाल पेश करने के लिए उन्हें साल 2018 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा नारी शक्ति पुरस्कार भी मिल चुका है। महिला शक्ति की मिसाल बनी अंबिका ने बताया कि, आर्ट गैलरी के माध्यम से क्रॉफ्टिंग से लेकर ऑर्गेनिंग पेंटिंग आदि का काम किया जाता है। गैलरी के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके हुनर को पहचानकर उसे तराशने का काम किया जाता है। गैलरी की कलाकृतियों को देश ही नहीं बल्कि विदेशों में काफी सराहा जाता है। इसके अलावा मिट्टी धातु के खिलौने बनाना और कबाड़ के समान से कलाकृतियां बनाना भी सिखाया जाता है। इससे महिलाएं और बच्चे अपने पैरों पर खड़े हो रहे हैं। कलाकारों, लेखकों और मूर्तिकारों के लिए आर्ट इचौल भारत का एकलौता स्थाई रचनात्मक आश्रय है। इसी के आधार पर अम्बिका को राष्ट्रपति सम्मान भी मिला।


अमेरिका की नौकरी छोड़ गांव की तस्वीर बदलने वाली सरपंच

भोपाल जिले का बरखेड़ी अब्दुल्ला गांव की सूरत दूसरे गांवों से बेहतर है। यहां 80 फीसदी कच्चे मकान पक्के मकानों में तब्दील हो चुके हैं। हर घर में बिजली, पानी और शौचालय की व्यवस्था है। ज्यादातर लोग सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। गांव के लोग इस बदलाव की हकदार सरपंच भक्ति शर्मा हैं। अमेरिका की नौकरी छोड़कर अपने गांव की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने का बेड़ा उठाने वाली भक्ति मध्य प्रदेश का सम्मान हैं।अपनी उपलब्धित के कारण उन्हें भारत की प्रभावशाली महिलाओं की सूची में भी शामिल किया गया है।


टेलेंट के दम पर बॉलीवुड में स्थापित किया अपना नाम

सादगी से भरी खूबसूरत मुस्कुराहट की मल्लिका और टेलीविजन जगत की ईशी मां, यानी दिव्यांका त्रिपाठी। भोपाल की इस बेटी ने अपने टैलेंट का परचम ऐसा लहराया कि मुंबई की ग्लैमरस लाइफ में भोपाल का नाम भी शान से लिया जाने लगा। मिस भोपाल का ताज अपने नाम करने वाली दिव्यांका आज देशभर में मध्य प्रदेश की नाम रोशन कर रही हैं। बनू मैं तेरी दुल्हन सीरियल में मुख्य भूमिका अदा करते हुए पहली बार टेलीविजन जगत में कदम रखने वाली दिव्यांका ने इसके बाद वे सोन परी, शर्मा जी इलाहबाद वाले, झलक दिखला जा और ये हैं मोहब्बतें में दिखाई दीं। ये हैं मोहब्बतें में ईशी मां के किरदार को सबसे ज्यादा पसंद किया गया, जिसमें वे स्टेप मॉम के पॉजिटिव किरदार में रहीं।

Show More
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned