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मप्र के 17 फीसदी तो दिल्ली में शत-प्रतिशत स्कूल इंटरनेट से लैस

-स्कूलों में इंटरनेट कनेक्टिविटी में गुजरात सबसे बेहतर-ग्राम पंचायतों को भी इंटरनेट कनेक्शन से जोडऩे में पिछड़े

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मप्र के 17 फीसदी तो दिल्ली में शत-प्रतिशत स्कूल इंटरनेट से लैस

मप्र के 17 फीसदी तो दिल्ली में शत-प्रतिशत स्कूल इंटरनेट से लैस

भोपाल. आधुनिक शिक्षा मसलन इंटरनेट के जरिये नई तकनीकों से बच्चों को पढ़ाने का दावा मप्र में फिलहाल दूर की कौड़ी बना हुआ है। मौजूदा स्थिति यह है कि देशभर में सरकारी स्कूलों में इंटरनेट कनेक्टिविटी में मप्र पांचवें पायदान पर है। प्रदेश में फिलहाल 17 फीसदी सरकारी स्कूलों तक ही इंटरनेट की पहुंच हो सकी है। मप्र में 92695 सरकारी स्कूल संचालित हैं, जिनमें से महज 16469 में ही इंटरनेट कनेक्शन हैं। यहां बता दें, स्मार्ट क्लास के लिए इंटरनेट कनेक्शन का होना जरूरी है। ऐसे में प्रदेश में 83 फीसदी सरकारी स्कूल आधुनिक शिक्षा देने से महरूम हैं। आंकड़ों के मुताबिक देशभर में 24.15 फीसदी शासकीय स्कूलों में ही इंटरनेट कनेक्शन है। सबसे बुरी स्थिति उप्र की है। यहां शासकीय स्कूलों की संख्या सबसे अधिक 137024 है, पर इनमें से महज 8 फीसदी यानी 12074 स्कूल तक ही इंटरनेट कनेक्शन पहुंचा है।
दिल्ली में सभी तो गुजरात के 94 फीसदी स्कूलों में इंटरनेट
सरकारी स्कूलों में इंटरनेट कनेक्शन के मामले में दिल्ली ने बाजी मारी है। यहां संचालित सभी 2762 शासकीय स्कूल इंटरनेट से लैस हैं। दिल्ली के बाद गुजरात के 94 फीसदी से अधिक शासकीय स्कूलों में इंटरनेट कनेक्शन है। खास बात है कि मप्र के पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में 33 फीसदी से अधिक तो राजस्थान के 53 फीसदी स्कूलों में इंटरनेट कनेक्शन हैं। आंध्रप्रदेश में ये आंकड़ा 45 फीसदी है। महाराष्ट्र के 28 फीसदी स्कूलों में इंटरनेट की सुविधा है।
इंटरनेट कनेक्टिवटी और राज्यों की स्थिति
राज्य-----शासकीय स्कूल----इंटरनेट कनेक्शन
गुजरात-----34699--------32681
आंध्रप्रदेश----45137--------20313
महाराष्ट्र------65639------18540
छत्तीसगढ़-----48743-------16469
मध्यप्रदेश------92695-------16469

प्रदेश की 52 फीसदी पंचायतों तक हाई स्पीड इंटरनेट
इधर, हाई स्पीड इंटरनेट सेवा यानी फाइबर टू द होम (एफटीटीएच) से 52 फीसदी ग्राम पंचायत जुड़ी हैं। यहां बता दें कि प्रदेश में 22841 ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें से एफटीटीएच से 17810 पंचायतों से जोड़ा गया है। वर्ष 2025 तक सभी ग्राम पंचायतों को हाई स्पीड इंटरनेट सेवा से जोडऩे का लक्ष्य तय किया गया है। इसके जरिये ग्राम पंचायतों के कामों को डिजिटलाइज्ड किया जा सकेगा। साथ ही ग्रामीण कई लोकसेवाओं का लाभ गांव में ही ले सकेंगे। प्रदेश के बैतूल जिले की सबसे अधिक 948 ग्राम पंचायतें हाईस्पीड इंटरनेट से जुड़ी हैं। मंदसौर की 813, अशोकनगर की 768, इंदौर की 711, जबलपुर की 564, भोपाल की 419, गुना की 415, नरसिंहपुर की 434, रातलाम की 406 ग्राम पंचायतों को हाई स्पीड इंटरनेट से जोड़ा है। दूसरी तरफ आगर-मालवा से एक, टीकमगढ़ और कटनी से दो-दो ग्राम पंचायतें ही हाईस्पीड इंटरनेट से जुड़ सकी हैं। आलीराजपुर जिले की 17, डिंडौरी की 27, अनूपपुर की 40 तो सतना की 66 ग्राम पंचायतें हाई स्पीड इंटरनेट सुविधा से लैस हुई हैं।