
भोपाल. नए साल में राजधानी में उद्योगों को नई रफ्तार मिलेगी। उद्योगों की स्थापना के लिए शासन की नीतियों के तहत काम करते हुए सिंगल विंडो के जरिए अनुमतियां देने की कोशिश होगी। उद्योगों को मिलने वाली छूट और अनुमतियों की लंबी फेहरिस्त को कैसे आसान किया जाए इस पर शुक्रवार को कलेक्टोरेट में चर्चा हुई। कलेक्टर और जिला उद्योग केंद्र के अफसरों की बैठक में तय हुआ कि पूर्व के जो प्रस्ताव आए हैं, उनको तेजी से जगह देकर, उनको यहां डेवलप होने दिया जाए। ताकि भोपाल में और उद्योगपति आएं। अभी तक के सात क्लस्टर में भोपाल के अचारपुरा, अगरिया छापर, अजामपुर, बीलखेड़ी, बैरसिया रोड पर जमीनें दी जा रही हैं। इसके तहत 1243 करोड़ का निवेश इन क्लस्टर में होगा। इससे 22 हजार लोगों के रोजगार मिलेगा। हालांकि इसमें से कुछ इकाईयां स्थापित हो चुकी हैं, इनको सब्सिडी देकर और जान डालनी है।
रोजगार की तलाश में इंदौर, मुंबई और दिल्ली जैसे शहरों में पलायन कर रहे लोगों को भोपाल में ही रोजगार मुहैया कराया जाएगा। कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि जहां विकास की जरूरत हो, वहां विकास कार्य कराए जाएं। सड़क, पानी, बिजली की जरूरत के लिए विभागों से समन्वय कर काम शुरू हों ताकि उद्योग तेजी से लगें और रोजगार के अवसर भी बढ़ें।
ये उद्योग काम कर रहे, कुछ कतार में
राजधानी के उद्योगों में एग्रीकल्चर के उपकरण सिंचाई के पाइप के नए मॉडल बनना शुरू हो गया है। वहीं रेलवे की लाइट से लेकर फ्लश, बाथरूम, सीट, फर्श भोपाल में बन रहे हैं। हाल ही में गोलखेड़ी में राजस्थान के हैंडीक्राफ्ट को जगह दी गई है। फूड उद्योग में गोविंदपुरा में तीन यूनिट अभी हाल में अपडेट होकर मिठाई के बड़े ऑर्डर बना रही हैं। जल्द ही ये यूनिट उद्योगों को लिए दी जा रही जगह में शिफ्ट हो जाएगी। ऐसे ही ईवी के दो बड़े प्रोजेक्ट भोपाल में जल्द शुरू होने जा रहा है।
भोपाल में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए जो समस्याएं और बाधाएं आ रही हैं उनको दूर किया जा रहा है। इस संबंध में जिला उद्योग केंद्र के अफसरों के साथ बैठक हुुई है। इसमें अनुमति और सब्सिडी की राह को आसान कर शासन की नीति के तहत काम किया जाएगा।
आशीष सिंह, कलेक्टर
Published on:
23 Dec 2023, 5:21 PM IST
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