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शिवराज की ​तीर्थ दर्शन योजना पर रेलवे का ब्रेक

आईआरसीटीसी ने लिखा पत्र, कहा पहले 80 करोड का बकाया दे, तभी शुरु होगी यात्रा
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भोपाल

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Harish Divekar

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Updated: 21 Sep 2018, 1:15 PM IST

shivraj singh

cm shivraj singh

शिवराज सरकार की मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना आईआरसीटीसी ने मुख्य सचिव बीपी सिंह को पत्र लिखकर सापफ किया है कि पहले रेलवे का 80 करोड का बकाया चुकाओ, इसके बाद ही इस
योजना के लिए आगे ट्रेन दी जाएगी। तीर्थ दर्शन योजना को रेलवे ने ऐन चुनाव से पहले रेड सिग्नल दिखाकर सरकार की परेशानी बढा दी है। हालांकि धर्मस्व विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आनन—फानन में आईआरसीटीसी के भुगतान के लिए पफाइल आगे बढाई, लेकिन वित्त विभाग की आपत्ति के चलते मामला अटक गया है।
शिवराज सरकार में बुजुर्गों को तीर्थयात्रा कराने की योजना जोर शोर से शुरू हुई थी। ये योजना बीजेपी सरकार के हिंदू ब्रांड का बड़ा हिस्सा रही है, लेकिन चुनाव के पहले सरकार की यही योजना सबसे बड़ी मुश्किल बनकर सामने आई है।

दरअसल राज्य सरकार के ऊपर इस तीर्थयात्रा के लिए ली गई ट्रेनों का करोड़ों रुपए बकाया है। बकाया नहीं देने पर रेलवे ने सरकार को अब आगे की यात्राओं के लिए ट्रेन देने से मना कर दिया है. तीर्थयात्रा का अगला फेरा सितंबर और अक्टूबर में होने वाला था। आईआरसीटीसी के पत्र के मुताबिक, 2018-19 में 30 सितंबर तक 125 ट्रेनों को चलाया जाना था। सरकार ने 5 जुलाई तक 60 ट्रेनों का 78 करोड़ रुपये पेमेंट किए हैं। वहीं 30 सितंबर तक चलाई जाने वाली कुल 65 ट्रेनों का 80 करोड़ रुपए अभी सरकार पर बकाया है। आईआरसीटीसी ने राज्य सरकार को साफ कर दिया है कि एडवांस पेमेंट मिलने पर ही यात्रा के लिए आगे ट्रेन मुहैया करायी जाएगी.शिवराज सरकार ने तीर्थ दर्शन योजना के तहत इस साल 20 अगस्त से लेकर 30 सितंबर तक 28 हज़ार से ज़्यादा बुजुर्गों को तीर्थ कराने का प्लान किया था।

चुनाव में फायदा लेने किए थे बदलाव
चुनावी साल में तीर्थ दर्शन योजना का फायदा लेने के लिए हाल ही में बड़े बदलाव किए गए है।
बुजुर्गों के लिए श्रवण बनी सरकार ने वृद्धों के लिए यह योजना बनाई थी, चुनावी साल में अपने अपने क्षेत्रों की जनता के साथ विधायकों को भेजने के लिए नियमों में बदलाव किये गए हैं| इस योजना के तहत पहले इसमें वो व्यक्ति जा सकता था, जिसकी उम्र 60 वर्ष से अधिक हो और आयकरदाता न हो। इसके पहले साठ वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति ही मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत तीर्थ यात्रा पर जा सकते थे अब महिलाओं को इसमें दो वर्ष की छूट दी गई है।

वे 58 वर्ष की आयु में भी तीर्थ यात्रा पर जा सकती है। जो हितग्राही अभी तक एक बार तीर्थ यात्रा पर जा चुके है और इसके बाद पांच वर्ष की अवधि पूरी हो चुकी हो वे अब इस योजना के अंतर्गत फिर योजना का लाभ लेने के लिए पात्र होंगे। वहीं योजना में एक साथ दो तीर्थ दर्शन कराये जाएंगे।