संजय गांधी अस्पताल की चिकित्सीय सेवाएं पूरी तरह पटरी से उतर चुकी हैं। सुबह ओपीडी में डॉक्टर जहां देरी से पहुंच रहे वहीं, रात में इमरजेंसी विभाग में एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं रहता। सोमवार रात को पत्रिका टीम ने पड़ताल की। आकस्मिक चिकित्सक कक्ष में एक भी डॉक्टर नहीं दिखा। वार्ड के बेड खाली पड़े थे। गोविन्दगढ़ के मोहम्मद रफीक बच्चे जुबेर को लेकर चक्कर लगा रहे थे। उन्होंने बताया कि बेटे को तेज बुखार है। इमरजेंसी की भर्ती पर्ची कटवाने के बाद उन्हें सीधे पीडियाट्रिक वार्ड जाना पड़ा। इसी तरह अन्य मरीजों को भी इमरजेंसी की सेवाएं नहीं मिली। रात 10.30 बजे से भोर 4 बजे तक इमरजेंसी ओपीडी के नाम पर 42 मरीजों के पंजीयन हुए। जिसमें से 19 ही भर्ती हुए। जबकि 23 मरीज अस्पताल आने के बाद वापस हो गए।