
भोपाल की सबसे बड़े कवर्ड कैंपस में अब जैकाल का खौफ! with video
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के आसपास जहां एक ओर बाघों की चहलकदमी आम बनी रहती है। वहीं अब शहर की कॉलोनियों के अंदर तक जंगली जीव आने लगे हैं। जिसके चलते शहर में रह रहे रहवासी आतंक के साये में जीवन जीने को मजबूर बने हुए हैं।
दरअसल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के सबसे बड़े कवर्ड कैंपस रुचि लाइफ स्केप्स में सोमवार को अचानक एक बार फिर जैकाल यानि सियार आ गया। वहीं इससे पहले भी इस कैंपस में जैकाल को देखा जा चुका हैं।
जिनके कई बार कैंपस में रहने वाले लोगों द्वारा वीडियो भी बनाए गए। वहीं आज भी इसका एक वीडियो बना लिया गया।
कभी डॉग्स से रहे परेशान तो अब जैकाल...
भोपाल के सबसे बड़े कवर्ड कैंपस रुचि लाइफ स्केप्स के रहवासी अभी कुछ समय पहले तक सोसायटी में आने वाले आवारा डॉग्स से परेशान थे। ये डॉग्स पूर्व में कुछ बच्चों व बुजुर्गों पर हमला भी कर चुके थे। वहीं अब इन दिनों यहां जैकाल देखे जा रहे हैं।
जैकाल: बच्चों की सुरक्षा सेंध !
जानकारों के अनुसार जैकाल सामान्य बड़े लोगों से तो बचकर चलते हैं, लेकिन छोटे बच्चों पर हमला कर देते हैं। वहीं यदि जैकाल झूंड में हो तो वे बड़ों पर भी हमला कर सकते हैं।
जैकाल की सोसायटी में आवक के चलते सोसायटी में रहने वाले लोग अपने बच्चों को लेकर काफी परेशान हैं। जैकाल के खौफ के कारण जहां वे बच्चों को अकेला घर से बाहर तक नहीं जाने दे पा रहे, वहीं बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित सोसायटी वासी अब तनाव में हैं।
वहीं सोसायटी के रहवासियों का यहां तक कहना है कि जैकाल के यहां आने से बच्चों की सुरक्षा में सेंध लग गई है। ऐसे में न तो हम बच्चों को अकेले बाहर जाने दे सकते हैं। और न ही वे खेलने निकल पा रहे हैं।
भोपाल हमेशा से रहा है जंगली जानवरों के साये में...
दरअसल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की बात करें तो यह शहर हमेशा से ही जंगली जानवरों के साये में रहा है।
इससे पहले शहर के बाहर ही सही लेकिन चारों ओर बाघों का होना परेशानी का विषय बना हुआ था। वहीं पूर्व में पीपुल्स माल के पीछे कोरल कासा एवं प्रीमियम ऑर्चिड के पास तक भालू की आवक देखी जा चुकी है।
दरअसल पूर्व में राजधानी भोपाल के बैरसिया रोड करोंद स्थित नवीबाग में एक खतरनाक भालू सुबह लगभग 7:30 से 8 के बीच यहां स्थित आईआईएसएफ के गवर्नमेंट क्वार्टर्स में लोगों द्वारा देखा गया था।
इसके बाद लोगों ने पास ही रहने वाले आईआईएसएफ डायरेक्टर के ड्राइवर सुखराम सेन को सूचना दी। वह अपने हाथ में डंडा लेकर उसे भागने पंहुचा जहां हिंसक भालू ने उसका गाला पकड़ लिया था, यहां उसेने अपना गाला छुड़ाने हाथ बढ़ाया तो उसने उसका हाथ भालू ने मुंह में भर लिया।
इससे सुखराम का हाथ घायल हो गया था। वहीं आसपास खड़े लोगों ने जब जोरों से चिल्लाया तो भालू वहां से भाग खड़ा हुआ था।
वहीं हिंसक भालू आईआईएसएफ से मित्तल कॉलेज के पीछे रहवासी क्षेत्रों में घुस गया जहां मॉल के पीछे एक महिला को उसने अपना शिकार बनाया था। घायल महिला को लोगों ने हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।
भोपाल में यहां घूम रहे हैं 6 TIGER...
इसी तरह पूर्व में भोपाल के चारों और एक नहीं बल्कि 6 टाइगर खुलेआम घूम रहे थे। करीब नौ महीने बाद बाघ टी-1 अपने इलाके में लौट आया था। इस मर्तबा उसके साथ कुछ साथी भी आए।इसी बीच कुछ लोगों ने 13 शटर के पास बाघ को आराम फरमाते भी देखा था।
वहीं कलियासोत और केरवा के जंगलों में डेरा जमाए बाघ टी-121 अब जंगल से बाहर निकलने लगा। जबकि पूर्व में रात को बाघ टी-121, 13 शटर गेट पर आराम फरमाता मिला था। वहीं एक वयस्क टाइगर रात में डैम के पास दिखाई देने पर कुछ लोगों ने डायल 100 को सूचना दी थी।
Updated on:
30 Sept 2019 05:31 pm
Published on:
30 Sept 2019 05:29 pm
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