
BJP and Congress created Strategy for Assembly election
अरुण तिवारी,
भोपाल. भारतीय जनसंघ अब देशभर में भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ेगा। जनसंघ ने लोकसभा चुनाव 2019 के साथ ही मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विधानसभा चुनाव भी लडऩे की तैयारी कर ली है। वह मध्यप्रदेश और राजस्थान में 50-50 और छत्तीसगढ़ में 30 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगा।
उसके मुद्दे राष्ट्रवाद, हिंदुत्व, आरक्षण के बदले समानता का अधिकार, राजनीति का अपराधीकरण रोकना और भ्रष्टाचार रोकना होगा। जनसंघ ने राजस्थान के सेवानिवृत्त आइएएस समीर सिंह चंदेल को इन तीनों राज्यों में संगठन खड़ा करने के लिए राष्ट्रीय महासचिव बनाया है।
लोकसभा चुनाव की भी तैयारी
जनसंघ विधानसभा चुनावों के साथ-साथ लोकसभा चुनाव 2019 की भी तैयारी कर रहा है। इसमें 150 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगा। इसके लिए बिहार, दिल्ली, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु में चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है।
प्रदेश में बनाए संयोजक
जनसंघ ने होशंगाबाद के एडवोकेट दीपक तिवारी को 15 जुलाई को मध्यप्रदेश का संयोजक बनाया है। अब राजस्थान और छत्तीसगढ़ में संयोजक नियुक्ति किए जाएंगे। मध्यप्रदेश में सपाक्स को साथ में लेकर चुनाव लडऩे पर विचार किया जा रहा है। जनसंघ का मुख्य मुद्दा आरक्षण की जगह समानता का अधिकार है। सपाक्स भी इसी मुद्दे पर सरकार का विरोध कर रहा है, इसलिए दोनों साथ मिलकर आगे बढ़ सकते हैं।
मुखर्जी ने की थी स्थापना
जनसंघ की स्थाना 21 अक्टूबर 1951 को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और बलराज मधोक समेत सात सदस्यों ने दिल्ली में की थी। छह अप्रैल 1980 को भारतीय जनता पार्टी बनी और जनसंघ के सभी लोग इसमें शामिल हो गए। बलराज मधोक सिद्धांतों से समझौता मंजूर नहीं हुआ और वे जनसंघ का काम करते रहे। 1989 में जनसंघ का नाम अखिल भारतीय जनसंघ कर दिया गया। चंूकि जनसंघ राजनीतिक तौर पर बहुत कमजोर हो गया था, इसलिए उसकी गतिविधियां सीमित हो गईं। हालांकि, कामकाज बराबर चलता रहा।
इसलिए है भाजपा से टकराव
भाजपा का उदय जनसंघ से ही हुआ है, फिर सवाल उठता है कि आखिर ये टकराव क्यों है। जनसंघ के अध्यक्ष भारत भूषण पांडेय कहते हैं कि भाजपा जनसंघ के श्यामा प्रसाद मुखर्जी और दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर राजनीति करती है, लेकिन जनसंघ के जीवित सदस्यों से उसे परहेज है। मुखर्जी के साथ जनसंघ की स्थापना करने वाले बलराज मधोक को भाजपा ने अपना नहीं माना। भाजपा जनसंघ के सिद्धांतों को भूलकर दोहरे मापदंड पर काम करने लगी है। पांडेय ने कहा कि भाजपा दीनदयाल उपाध्याय की तरह मधोक का जन्मशताब्दी वर्ष मनाए और जनसंघ को देश में 20 लोकसभा सीट दे तो विरोध न करने पर विचार किया जा सकता है।
जनसंघ को राष्ट्रीय पार्टी बनने के लिए तीन प्रदेशों में 11 लोकसभा सीट चाहिए। इसकी तैयारी चार सालों से चल रही है। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विधानसभा चुनाव में भी जनसंघ अपने उम्मीदवार उतारेगा, जो युवा, पढ़े-लिखे और स्वच्छ छवि के होंगे।
- भारत भूषण पांडेय, अध्यक्ष, अखिल भारतीय जनसंघ
Published on:
16 Jul 2018 08:34 am
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