
कांग्रेस इस नेता को दे सकती है टिकट, एक सीट में जीत के लिए मैदान में उतारे 4 मंत्री और 12 विधायक, सीएम संभाल रहे कमान
भोपाल.झाबुआ विधानसभा उपचुनाव के एलान के साथ ही कांग्रेस जीत की रणनीति पर काम करने लगी है। पार्टी ने सामाजिक समीकरण साधने के लिए सात जिलों के अनुसूचित जाति और जनजाति 12 विधायकों को मोर्चे पर तैनात कर दिया है। इस चुनाव की कमान खुद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने हाथों में ले रखी है।
सरकार ही होगा चेहरा
झाबुआ उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बजाए मुख्य लड़ाई भाजपा और सरकार के बीच है। कांग्रेस इस चुनाव को सरकार के कामकाज के आधार पर लड़ने की तैयारी में है। सरकार के साथ संगठन योजनाओं के प्रचार-प्रसार में जुट गया है। कमजोर कड़ियों को तलाश कर उनको ठीक करने के लिए इन 12 विधायकों की तैनाती की गई है। इनमें से छह विधायक तो बीते एक महीने से यहां काम कर रहे हैं। वहीं, जयस ने भी सरकार का समर्थन करते हुए अपना उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला किया है।
ये हो सकते हैं उम्मीदवार
इस सीट पर लंबे समय से कांतिलाल भूरिया का दबदबा रहा है। कांग्रेस में टिकट को लेकर घमासान है, लेकिन माना जा रहा है कि टिकट वितरण में भूरिया का योगदान अहम रहेगा। यहां कांतिलाल भूरिया, विक्रांत भूरिया औऱ जेवियर मेढ़ा प्रमुख दावेदार हैं। मुख्यमंत्री कमलनाथ पहले ही साफ कर चुके हैं कि टिकट किसी को भी मिले चुनाव सबको एक होकर लड़ना है।
मंत्रियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
झाबुआ उपचुनाव के लिए चार आदिवासी मंत्रियों को भी झाबुआ की विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें गृहमंत्री बाला बच्चन, आदिम जाति कल्याण मंत्री ओमकार सिंह मरकाम, वन मंत्री उमंग सिंघार और पर्यटन मंत्री सुरेन्द्र सिंह हनी बघेल शामिल हैं। इन मंत्रियों को झाबुआ में विशेष फोकस करने को कहा गया है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी तय कर लिया है बस औपचारिक घोषणा बाकि है।
इन विधायकों ने संभाला मोर्चा
मुकेश रावत, कलावती भूरिया, वीरसिंह भूरिया, वाल सिंह मेड़ा, महेश परासर, रामलाल मालवीय, हर्ष विजय गहलोत, मनोज चावला, पांचीलाल मीणा, प्रताप ग्रेवाल, सचिन बिड़ला और ग्यारसीलाल रावत शामिल हैं।
सीएम ने कहा- कांग्रेस की जीत पक्की
सीएम कमल नाथ ने कहा- प्रदेश के झाबुआ उपचुनाव के लिये कांग्रेस पूरी तरह से तैयार है, हमारी निश्चित विजय होगी। हमारी सरकार के 9 माह के जनहितैषी कार्यों का, आदिवासी वर्ग के हित में सरकार द्वारा लिए गये ऐतिहासिक निर्णयों का व झाबुआ में किये गये विकास कार्यों का समर्थन भी कांग्रेस पार्टी को ज़रूर मिलेगा।
इन मुद्दों पर चुनाव लड़ेगी भाजपा
2018 के विधानसभा चुनाव में झाबुआ सीट पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। भाजपा विधायक जीएस डामोर के सांसद बनने के बाद यह सीट खाली हुई है। भाजपा एक बार फिर से यह सीट जीतना चाहेगी। भाजपा इस चुनाव में कांग्रेस सरकार के खिलाफ उपजी नाराजगी, बारिश में बर्बाद हुई फसलों और केन्द्र सरकार के 370 जैसे निर्णयों के दम पर चुनाव जीतने की तैयारी कर रही है।
ये है चुनाव का पूरा कार्यक्रम
23 सितंबर से नाम निर्देशन की पत्र भरे जाएंगे। 30 तारीख को नामांकन जमा करने की अंतिम तारीख 1 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 3 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। 21 अक्टूबर को मतदान होगा। 24 अक्टूबर को परिणाम घोषित होंगे।
Updated on:
23 Sept 2019 10:36 am
Published on:
23 Sept 2019 10:36 am
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