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राजधानी में जीका के तीन और मरीज मिले

अभी भी खानापूर्ति में जुटा मलेरिया विभाग, एक घंटे में ही हो गया लार्वा सर्वे
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भोपाल

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Ram kailash napit

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Updated: 5 Nov 2018, 3:03 AM IST

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Larva survey  

भोपाल. डेंगू और स्वाइन फ्लू के बाद शहर में अब जीका के खतरनाक वायरस का खतरा भी मंडराने लगा है। दो दिन पहले जीका का पहला मरीज मिलने के बाद रविवार को शहर में तीन और नए मरीज सामने आए हैं। शहर में जीका के मरीजों की संख्या अब चार हो गई है। यही नहीं जीका के 60 संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट आना अभी बाकी है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि मरीजों की तादात बढ़ भी सकती है। मरीजों में एक महिला और दो पुरुष शामिल हैं। जीका के खौफ के बावजूद मलेरिया विभाग लार्वा सर्वेक्षण के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति में ही कर रहा है। गुरुवार को केन्द्रीय अधिकारियों की बैठक के बाद के मलेरिया विभाग ने डेढ़ सौ टीम से लार्वा सर्वे कराने का एक्श्न प्लान तैयार किया था। रविवार को पत्रिका ने जब ग्राउंड पर जाकर इन लार्वा सर्वे की पड़ताल की तो हकीकत सामने आ गई।

एक संदिग्ध मरीज शहर के बाहर गया
सर्वे के दौरान टीम गौतम नगर के एक घर में पहुंची। यहां से एक महिला के जीका के सैंपल लिए गए थे। यह महिला कुछ दिन पहले राजस्थान से लौटी थी। इसकी रिपोर्ट आना अभी बाकी है। फिलहाल यह महिला अपने परिवार के साथ बैंगलोर गई हुई है । कहा तीन किमी में 156 टीम, हकीकत इसके उलट विभाग ने चार इमली केतीन किमी क्षेत्र में ही 156 टीमों को उतारने को कहा था लेकिन रविवार को आईसी ब्यूरों में 50 टीम भी नजर नहीं आई। इनमें से भी यह टीम पूरे शहर में सर्वे करने निकली।

एक घंटे में हो गया सर्वे
सुबह करीब 11.15 बजे टीम सर्वे के लिए निकलीं। हमने दो टीमों को फॉलो किया। करीब आधे घंटे बाद एक टीम जहांगीराबाद पहुंची वहीं दूसरी टीम कोटरा सुल्तानाबाद गांव। दोनों टीमों में एक सुपरवाइजर और बाकी एएनएम थे। दोनों टीमों ने कॉलोनियों में जाकर लोगों से मच्छरों के बारे में जानकारी ली और महज एक घंटे में ही सर्वे खत्म कर दोपहर 1.30 बजे रिपोर्ट भी सौंप दी गई।

यह है जीका
राज्य सूचना, शिक्षा एवं संचार ब्यूरो के डायरेक्टर डॉ. बीएन चौहान के मुताबिक जीका वायरस एडीज एजिप्टी नामक मच्छर के काटने से फैलता है। प्रभावित व्यक्ति में बुखार के साथ शरीर में लाल चकत्ते, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द व आंखों में जलन होती है। गर्भवती महिलाओं के लिए यह बीमारी ज्यादा खतरनाक है क्योंकि इसमें गर्भस्थ शिशु का सिर छोटा हो जाता है।

कहां कितने संदिग्ध
भोपाल - 60
सीहोर - 12
विदिशा - 09