
भोपाल. भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज से पीजी कर रही एक स्टूडेंट ने बुधवार को आत्महत्या कर ली। स्टूडेंट की लाश हॉस्टल के कमरे में मिली है और मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है जिसमें मम्मी-पापा सॉरी..मैं इतनी मजबूत नहीं हूं, स्ट्रेस नहीं झेल पा रही हूं लिखा हुआ है। पुलिस को मौके से इंजेक्शन और सीरिंज मिली है। आशंका है कि छात्रा ने दवा का ओवरडोज लेकर यह आत्मघाती कदम उठाया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
सुबह फोन कर कहा था ड्यूटी पर नहीं आऊंगी
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक सुसाइड करने वाली मेडिकल स्टूडेंट का नाम आकांक्षा माहेश्वरी है जो ग्वालियर की रहने वाली थी। आकांक्षा ने ग्वालियर से एमबीबीएस किया था और इसके बाद जीएमसी भोपाल से पीडियाट्रिक डिपार्टमेंट में पीजी कर रही थी। बुधवार सुबह करीब 7 बजे उसने अपने डिपार्टमेंट में फोन कर कहा था कि उसकी तबीयत खराब है इसलिए आज ड्यूटी पर नहीं आएगी। उसके रूम का दरवाजा सुबह से बंद था और शाम को जब हॉस्टल की दूसरी लड़कियां ड्यूटी कर वापस लौटीं तो भी दरवाजा बंद था। जिसके कारण उन्हें शक हुआ और उन्हें प्रबंधन को सूचना दी। जिसके बाद पुलिस को सूचना मिली और पुलिस मौके पर पहुंची। दरवाजा तोड़ने पर आकांक्षा रूम में बेसुध पड़ी थी जिसे डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया। उसके परिजन को पुलिस ने सूचना दे दी है।
सुसाइड नोट में ये लिखा
पुलिस को आकांक्षा के कमरे से इंजेक्शन व सीरिंज मिली है जिसके कारण आशंका है कि उसने दवाओं का ओवरडोज लेकर खुदकुशी की है। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है जिसमें लिखा है कि मैं इतनी मजबूत नहीं हूं, इतना स्ट्रेस नहीं झेल पा रही हूं। मम्मी-पापा सॉरी, दोस्तों को भी सॉरी। प्यार देने के लिए धन्यवाद। मैं स्ट्रॉन्ग नहीं हूं। मैं व्यक्तिगत कारणों से यह कदम उठा रही हूं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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Published on:
04 Jan 2023 09:56 pm
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