आयुर्वेदाचार्य डॉ. राकेश पाण्डेय के अनुसार नीम और बबूल एेसे वृक्ष हैं, जिनका पुरातनकाल से ही बहुतायत में औषधीय कार्यों में प्रयोग होता रहा है। दंत रोग, स्किन रोग, रक्त शुद्धता, कील-मुहासे जैसे रोगों पर इनका प्रयोग तो किया ही जाता है। हाल ही में अमेरिका और भारत में किए गए एक शोध में यह पाया गया है कि नीम और बबूल के वृक्षों से निकलने वाली खुशबू के चलते दिन में मच्छर पास नहीं आते हैं। इन वृक्षों से निकलने वाली विशेषगंध इन मच्छरों को दूर रखती है। एेसे में यदि इस तरह के पौधे शहर और ग्रामीण क्षेत्र से कट जाएंगे, तो बड़ा संकट खड़ा होगा।