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अब बड़े अफसरों पर गिरेगी गाज! 529 करोड़ का हाईवे धंसने की जांच करेगी ईओडब्लू

हाईवे धंस जाने के मामले में अब बड़े अफसरों पर गाज गिर सकती है. सड़क धंसने और कलियासोत ब्रिज की रिटेनिंग वॉल गिर जाने के मामले की जांच अब आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो यानि ईओडब्लू को सौंपी गई है।

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भोपाल. मंडीदीप के पास जबलपुर हाईवे धंस जाने के मामले में अब बड़े अफसरों पर गाज गिर सकती है. सड़क धंसने और कलियासोत ब्रिज की रिटेनिंग वॉल गिर जाने के मामले की जांच अब आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो यानि ईओडब्लू को सौंपी गई है। ईओडब्लू ब्रिज बनाने वाली मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम यानि एमपीआरडीसी अधिकारियों को नोटिस जारी करने की तैयारी कर रहा है। ब्यूरो के इंजीनियर भी मौके पर जाकर निर्माण कार्य की क्वालिटी परखेंगे. गौरतलब है कि इस मामले में राज्य सरकार ने एक इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया है जबकि निर्माण एजेंसी को ब्लेक लिस्टिड किया जा रहा है। इस मामले में सबसे ज्यादा यही सवाल उठ रहा है कि डिजाइन बनाते समय इस बात पर विचार क्यों नहीं किया गया कि पानी के तेज बहाव में रिटेनिंग वॉल बह जाने से पूरी सड़क ही धंस सकती है. इधर निर्माण एजेंसी ने सफाई दी है कि हाईवे की डिजाइन गलत नहीं थी, ज्यादा पानी हो जाने से नींव धंसकी है। इस बीच कांग्रेस ने भी इस मामले में एमपीआरडीसी के अधिकारियों को कठघरे में खड़ा किया है।

529 करोड़ का हाईवे धंसक जाने के मामले में राज्य सरकार सख्त तेवर अपना रही है. मामले की जांच ईओडब्लू की सौंपी गई है. ईओडब्लू के अधिकारियों के अनुसार पुल धंसने का मामला प्रथम दृष्टया आर्थिक अनियमितता के साथ ही आपराधिक लापरवाही का भी दिखता है। मामले में कानूनी राय लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एमपीआरडीसी के अफसरों से पूछा जाएगा कि हाईवे की गलत डिजाइन के लिए जिम्मेदार कौन है। डिजाइन गलत थी तो तुरंत आपत्ति क्यों नहीं ली गई। आगे का काम रोका क्यों नहीं गया। निर्माण कंपनी को भुगतान क्यों कर दिया गया। इसी कंपनी के बनाए ब्रिज में पहले भी खामियां मिली थीं, इस बात की अनदेखी क्यों की। इतना ही नहीं, जांच एजेंसी ईओडब्लू के इंजीनियर ब्रिज की तकनीकी खामियां भी देखेंगे। मौके पर जाकर काम की क्वालिटी परखने के साथ ही इंजीनियर ये भी देखेंगे कि ब्रिज की एप्रोच रोड और रिटेनिंग वॉल का निर्माण एग्रीमेंट की शर्तों के अनुरूप ही किया गया या नहीं।

अब इस पूरे मामले में निर्माण कंपनी की सफाई भी सामने आई है. कंपनी का कहना है कि डैम के 13 गेट एक साथ खोल दिए गए, इसलिए रिटेनिंग वॉल गिरी है. निर्माण कंपनी के डिप्टी प्रोजेक्ट डायरेक्टर केएस धामी ने कहा है कि हाईवे की डिजाइन में जरा भी गलती नहीं थी। भदभदा डैम के 13 गेट एक साथ खोल दिए जाने से पानी का बहाव तेज हो गया। ज्यादा पानी हो गया जिससे नींव में भी पानी चला गया और वहां की मिट्‌टी नम हो गई। इस वजह से सड़क धंसक गई और रिटेनिंग वॉल बह गई।

नवनिर्मित हाईवे की सड़क धंसने पर कांग्रेस ने इसे जानलेवा लापरवाही करार दिया है. प्रवक्ता केके मिश्रा ने एमपीआरडीसी के सभी इंजीनियरों, एमडी और चीफ इंजीनियर की भूमिका सार्वजनिक करने की मांग की है.