
उम्र के एक पड़ाव के बाद हर बुजुर्ग को दरकार होती है एक सहारे की ताकि उनका बुढापा अच्छे से कट सके। लेकिन अगर इस ढलती उम्र में ही न्याय के लिए दर बदर भटकना पड़े तो सोचिए उस बुजुर्ग का हाल कैसा होगा। दरअसल ऐसा ही एक मामला राजधानी से सामने आया है। दरअसल रामप्रकाश (परिवर्तित नाम) की इकलौती संतान थी। जिसका विवाह उन्होंने साल 2015 में किया था। लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था। साल 2020 में इस परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और रामप्रकाश के इकलौते पुत्र की मौत हो गई। इस दौरान रामप्रकाश के पोता भी हुआ जिसकी उम्र अभी करीब चार वर्ष है। जीवन की ढलती उम्र में वज्रपात सहने वाले रामप्रकाश को अब बहु और पोते में जीवन का सहारा दिखने लगा। इसलिए उन्होंने फैसला किया कि वो बहू को घर के बेटे की तरह रखेंगी और पोता उनका सहारा बनेगा। इस सोच के चलते रामप्रकाश ने अपने पुत्र की अनुकंपा नियुक्ति बहु को दिलवाई। बहु अनुकंपा नियुक्ति मिलने के एक साल बाद तक तो ससुराल में ही रही लेकिन एक साल के बाद अचानक ससुराल से अपने घर चली गई। और उसके बाद अपने माता- पिता के साथ सिर्फ एक बार रामप्रकाश के घर आई और बोली की उसने दूसरी शादी कर ली है। जिस पर भी रामप्रकाश ने कोई आपत्ति नहीं जताई उन्होंने कहा कि सिर्फ वो पोत से समय- समय पर मिलना चाहते हैं।
बहु को कई मर्तबा लगा चुके फोन
पीड़ित रामप्रकाश ने बताया कि बहु को कई बार फोन लगा चुके हैं कि पोते से मिलवा दे। लेकिन बहु न तो फोन उठाती है और न ही पोते से मिलवाती है। बुजुर्ग दंपति का कहना है कि मेरा इकलौता पुत्र था जिसकी मौत हो गई। अब मेरे पास तो सिर्फ उसका बेटा है। जिसे हम अपने बेटे जैसा प्यार देना चाहते हैं। लेकिन बहु हमें पोते से मिलने की नहीं देती। बताइए हम क्या करें...कहां न्याय के लिए गुहार लगाए।
आखिर हम इस बुढ़ापे में किसके सहारे जिए
रामप्रकाश ने बताया मैं और मेरी पत्नी घर में अकेले रहते हैं। जिस कारण से हम पति- पत्नी में तनाव रहता है। बताइए आखिर इस बुढ़ापे में हम किसके सहारे जिए। मेरे पैर व घुटने में दर्द रहता है। जिस कारण से मैं ज्यादा चलने- फिरने में भी असमर्थ हूं। हमारा सिर्फ एक ही पोता है और उससे मिलना ही तो चाहते हैं।
बाल आयोग में लगाई गुहार
न्याय के लिए दर बदर भटक रहे बुजुर्ग दंपति ने बाल आयोग में लिखित शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है। रामप्रकाश का कहना है कि पिछले साल भर से हम कई बार कोशिश कर चुके कि बहु हमें पोते से मिलने दे लेकिन वो नहीं मिलने दे रही। इसलिए आप हस्तक्षेप कर हमें न्याय दें क्योंकि अब सिर्फ इस दुनिया में हमारा सहारा सिर्फ एक पोता ही है।
बाल आयोग के सदस्य ये बोले
बुजुर्ग दंपति बेटे के नहीं रहने के बाद पोते में अपने पुत्र की छवि देखते हैं ऐसे में उन्हें पोते से जरूर मिलने देना चाहिए। हम जल्द की उनके बहु की काउंसिल करवाएँगे। हमारी कोशिश है कि बुजुर्ग दंपति को जल्द से जल्द न्याय मिले।
ब्रजेश सिंह चौहान, सदस्य, मध्यप्रदेश बाल आयोग
Published on:
24 May 2022 08:04 pm
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