
फाइल फोटो
भोपाल. मुख्यमंत्री कमल नाथ आज दिल्ली में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे। इस दौरान सीएम कमल नाथ उमंग सिंघार और दिग्विजय सिंह विवाद की पूरी रिपोर्ट सौंपेगे। माना जा रहा है कि सोनिया गांधी की समझाइस के बाद ही ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह ने पार्टी के नेताओं को अनुशासन और एकजुटता का संदेश दिया था। वहीं, कांग्रेस के कई विधायक कमल नाथ सरकार के मंत्रियों पर पैसे लेकर काम करने का आरोप लगा चुके हैं। मध्यप्रदेश कांग्रेस में इन दिनों सियासी घमासानमचा हुआ है।
सोनिया गांधी ने मांगी थी रिपोर्ट
मध्यप्रदेश कांग्रेस में मचे सियासी घमासान के बीच कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मुख्यमंत्री कमल नाथ से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी थी। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस संबंध में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और वन मंत्री उमंग सिंघार से बात की थी। बता दें कि कमलनाथ सरकार के कैबिनेट मंत्री उमंग सिंघार ने दिग्विजय सिंह के खिलाफ हमला बोला है। उन्होंने एक के बाद एक आरोप दिग्विजय सिंह पर लगाए थे। जिसके बाद सीएम कमलनाथ ने उमंग सिंघार को तलब किया था।
दिग्विजय की अपील पर सिंघार का ट्वीट
दिग्विजय सिंह शुक्रवार को भोपाल पहुंचे। यहां उन्होंने नेताओं से अपील करते हुए कहा कि मेरा सुझाव है नेताओं को अनुशासन में रहना चाहिए। वहीं, दिग्विजय सिंह के इस अपील पर उमंग सिंघार ने एक बार फिर से तंज कसते हुए हमला बोला है। उमंग सिंघार ने ट्वीट करते हुए कहा- मेरा यह सुझाव है कि सभी को अनुशासन में रहना चाहिए।
क्या है मामला
दरअसल, दिग्विजय सिंह ने प्रदेश के सभी मंत्रियों को लेटर लिखा था। ये लेटर सोशल मीडिया में वायरल हो गया था। इस लेटर के वायरल होने के बाद उमंग सिंघार ने कहा था कि दिग्विजय सिंह को लेटर लिखने की क्या जरूरत है वो पर्दे के पीछे से सरकार चला रहे हैं। इसके बाद उन्होंने दिग्विजय सिंह पर कई आरोप लगाए थे।
Published on:
07 Sept 2019 09:08 am

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