भोपाल। बड़ा तालाब, वीआईपी रोड, जंगलों से घिरी पहाडिय़ां, चौक बाजार की रौनक और लजीज कबाबों की खुशबू, ये सब भोपाल की शान हैं। यहां नवाबों का दौर था, पर आज वो दौर तो नहीं है। दम तोड़ती नवाबों की इमारतों के बीच कुछ जिंदा है तो उस जमाने का लजीज खाना। जी हां, भोपाल के कोने-कोने में आज भी उन नवाबी व्यंजनों की खुशबू महकती रहती है। इन्हीं व्यंजनों में से एक हैं नवाबी दौर के कबाब, जो लगभग 300 साल से आज भी वैसे ही हैं, जैसे भोपाल के पहले नवाब के वक्त थे।