14 मार्च 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भयानक सड़क हादसों में का ये आकड़ा जानकर रह जाएंगे हैरान, बीते साल 13427 लोगों की गई जान

-बस नदी में गिरी; 3 बच्चों समेत 20 की मौत-खरगोन के एसपी धरम वीर सिंह ने बताया कि 24 लोग घायल हैं।

2 min read
Google source verification
fdrtuj.jpg

khargone road accident

भोपाल/खरगौन। मध्य प्रदेश के खरगोन में मंगलवार सुबह 8.40 बजे एक बस 50 फीट ऊंचे पुल से गिर गई। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि 15 यात्रियों की मौत हुई है। इसमें 3 बच्चे और 6 महिलाएं हैं। हालांकि ये आकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है। खरगोन के एसपी धरम वीर सिंह ने बताया कि 24 लोग घायल हैं। घायलों को आसपास के अस्पतालों में पहुंचाया। घटना के लिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं। बस डोंगरगांव और दसंगा के बीच बोराड़ नदी के पुल की रेलिंग तोड़कर नीचे जा गिरी। नदी सूखी हुई थी।

डोंगरगांव के रहने वाले राज पाटीदार ने बताया कि मां शारदा ट्रेवल्स की बस में 40 से अधिक लोग सवार थे। पुलिस-प्रशासन से पहले डोंगरगांव और लोनारा के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। हमने बस के कांच फोड़कर घायलों को बाहर निकाला। घायलों को अपने संसाधनों से अस्पताल पहुंचाया। ग्रामीणों ने बताया कि गांव से पांच मिनट पहले ही बस निकली थी। बस तेज रफ्तार में चल रही थी।

आए दिन होते हैं हादसे

मध्यप्रदेश में आए दिन सड़क हादसे में लोगों की मौत हो रही है। सरकार यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने की बात सरकार करती है, लेकिन बेहद दुखद है कि प्रदेश में सड़क हादसों में घायल और जान गंवाने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जानकारी के लिए बता दें कि हाल ही में तैयार पुलिस मुख्यालय की सड़क हादसों की रिपोर्ट में सामने आया है कि 2022 में 54 हजार 432 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 13427 लोगों की मौत हो गई। यह पिछले छह साल में सर्वाधिक है। दुर्घटनाओं और मृतकों की संख्या 2022 में 2021 की तुलना में 11 प्रतिशत अधिक रही। बता दें कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कुछ दिनों पहले ही राज्य सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा है।

इसके पहले गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा ने पिछले सप्ताह बैठक लेकर प्रदेश में चिन्हित ब्लैक स्पाट्स को खत्म करने और नए की पहचान करने को कहा था, जिससे प्रदेश में सड़क हादसों में कमी लाई जा सके। प्रदेश में अभी 395 ब्लैक स्पाट हैं। ज्यादा हादसे होने की वजह से इन्हें चिह्नित किया गया है। इनमें सड़क निर्माण की खामियां, अंधेरा, सड़कों में गड्ढे आदि शामिल हैं। संबंधित विभागों के साथ मिलकर ब्लैक स्पाट्स को दूर किया जाता है।

वर्ष--दुर्घटनाएं --घायल--मृतक

2017--53,399--57,532--10, 177

2018-- 51,397-- 54,662-- 10, 706

2019-- 50,669-- 52,816-- 11, 249

2020--45,266-- 46,456--11, 141

2021-- 48,877-- 48, 956-- 12,057

2022-- 54,432 -- 13, 427-- 55,168