इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के अनुसार एच3एन2 और एच13एन1 इंफ्लुएंजा ए वायरस हैं जिन्हें आमतौर पर फ्लू कहते हैं, एडवाइजरी: ऑक्सीजन स्तर 90 से कम हो तो अस्पताल जाएं
भोपाल. एच3एन2 खतरनाक रूप से बढ़ रहा है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के अनुसार एच3एन2 और एच13एन1 इंफ्लुएंजा ए वायरस हैं जिन्हें आमतौर पर फ्लू कहते हैं। इसके संबंध में एडवाइजरी भी जारी की गई है जिसके अनुसार ऑक्सीजन स्तर 90 से कम हो तो तुरंत अस्पताल जाना चाहिए।
इस समय खांसी, शरीर में दर्द, बुखार और गले में खराश जैसी सांस की बीमारी बढ़ी है लेकिन मरीज असमंजस में हैं। यह कैसे पता चले कि यह इन्फ्लुएंजा है या कोविड, जो ओमिक्रॉन सब-वेरिएंट एक्सबीबी. 1.5 और एक्सबीबी. 1.16 के कारण होता है। इसके लिए कुछ आम और विशेष लक्षण बताए गए हैं।
जानिये बीमारी की वजह...
तीन से आठ दिनों तक 101 से 104 डिग्री बुखार
खांसी, नाक बहना और शरीर में दर्द
चेहरा, गर्दन और छाती के ऊपर त्वचा का लाल होना
त्वचा कभी अत्याधिक गर्म तो कभी नर्म
आंखें लाल और पानी भी रिस सकता है
नाक बहना और बच्चों में लिंफ्सनोड में बढ़ोतरी
गंभीर लक्षण
सांस फूलना और घरघराहट का अनुभव
शरीर, मांसपेशियों और आंख में चुभन जैसा दर्द
गले में जलन और आवाज में भारीपन दो से तीन सप्ताह तक
इंफ्लुएंजा घातक नहीं... डरें नहीं, यह करें
मास्क का उपयोग करें, हाथों की स्वच्छता बनाए रखे
भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचें, साबुन से अच्छी तरह हाथ धोएं
छींकते समय पूरी तरह मुंह को ढंकें
ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ का सेवन करें
हाथों से आंख, नाक को न छुएं
कोविड गाइड लाइन का सख्ती से पालन करें
एक माह से बढ़े रोगी
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शीतल बालानी बताते हैं कि इंफ्लुएंजा के लक्षण वाले मरीज 25-30 दिन से बढ़े हैं। हर रोज मेरे क्लीनिक पर सात-आठ मरीज आते हैं। इन्हें सामान्य होने में समय लग रहा है। बुखार के मरीजों में घर में आइसोलेट होने की सलाह दी जा रही है।