9 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘करो और सीखों’ वर्कशॉप में गुजरात के चित्रित पॉटरी का प्रदर्शन.. आफ भी सीखें!

'रण की मिट्टी' से तैयार होते कच्छ के बर्तन

2 min read
Google source verification
workshop

भोपाल। मानव संग्रहालय में 'करो और सीखों' वर्कशॉप की शृंखला में मंगलवार से कच्छ गुजरात के चित्रित पॉटरी पर एग्जीबिशन और वर्कशॉप का आयोजन शुरू किया गया। वर्कशॉप में गुजरात से आए पारंपरिक कलाकार इब्राहीम कासीम प्रशिक्षण दे रहे हैं। इब्राहिम कच्छ में खेवड़ा गांव के रहने वाले हैं।

उनका कहना है कि बर्तन बनाने की ये कला सिंधू घाटी सभ्यता के समय की है। वहां रेत होने के कारण गांव के पास ही एक झील की मिट्टी का यूज किया जाता है। इस मिट्टी को रण की मिट्टी भी कहा जाता है। हालांकि ये मिट्टी भी काफी हद तक रेतीली होती है। बर्तन बनने के बाद इसे गेरू से रंगा जाता है। बर्तन को काला रंग देना होता है तो तेल के दीपक से तैयार काजल का यूज किया जाता है।

वहीं जल सीमा के प्रहरी देश के नौसैनिक फिल्म का प्रर्दशन

सागर की तरह धीर-गंभीर रहने वाले भारतीय जल सेना के सजग प्रहरी शत्रु को देखते ही तूफानी गति से प्रहार करने को तैयार रहते हैं। हर नौसैनिक का एक ही लक्ष्य है शत्रु से देश की रक्षा करना। दूर तक फैले अथाह सागर में हर पल उठती लहरें जो भौगोलिक सीमाओं के पार पलक झपकते ही आसानी से पहुंच जाती है।

लेकिन उन समुद्री सीमाओं पर देश की रक्षा में तैनात नौसेनिकों की चौकस निगाहें हर पल सतर्क रहती है। उनकी जरा सी लापरवाही देश के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। नौसेना की अमूल्य धरोहर विशाल जलपोतों और उनका मेंटेनेंस कैसे किया जाता है? उसका क्या महत्व है? शौर्य स्मारक के मुक्ताकाश मंच पर मंगलवार शाम को सैन्य फिल्म 'रेडी फॉर एक्शन के जरिए इसके बारे में विस्तार से दिखाया गया।

पत्रकारिता और संस्मरण साहित्य पर संगोष्ठी आज

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विवि सभागार में बुधवार दोपहर 12 बजे से स्वतंत्रता सेनानी व संपादक रह चुके पंडित बनारसीदास चतुर्वेदी की पुण्यतिथि के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर च्पत्रकारिता एवं संस्मरण साहित्य में बनारसीदास चतुर्वेदी का योगदानज् विषय पर विमर्श किया जाएगा। आयोजन में वरिष्ठ साहित्यकार गुणसागर सत्यार्थी, वरिष्ठ पत्रकार राजेश बादल, शिक्षाविद् गुरुशरण सिंह और डॉ. अपूर्व चतुर्वेदी शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विवि के कुलपति जगदीश उपासने करेंगे। पंडित चतुर्वेदी 12 वर्ष तक राज्यसभा के सदस्य भी रहे हैं।