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रसूखदारों ने बेच दी निगम की जमीन

फूटा मकबरा क्षेत्र का मामला, निगम के उच्चाधिकारियों ने इस मामले को दबा रखा है

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भोपाल. नगर निगम अपनी ही जमीनों को नहीं बचा पा रहा है। ताजा मामला पुराने शहर के फूटा मकबरा क्षेत्र का है। यहां क्षेत्रीय रसूखदारों ने नगर निगम की जमीन पर कॉलोनी विकसित कर बेच दी। जब इन मकानों के संपत्तिकर खाते खुलवाने वार्ड में आवेदन आए और वार्ड प्रभारी मौके पर पहुंचे, तो हकीकत खुली।

निगम के उच्चाधिकारियों ने इस मामले को दबा रखा है और किसी तरह इसे रफा-दफा करने की कोशिश है। नगर निगम वार्ड स्तर के अधिकारी जमीन का नजूल से खसरा और नक्शा निकालकर ले आए, जिसमें जमीन म्यूनिसिपल बोर्ड के नाम पर दर्ज है, लेकिन यहां एकता नगर कॉलोनी विकसित हो गई।

अब स्थिति ये है कि यदि इस कॉलोनी के मकानों का संपत्तिकर खाता खोलते हैं, तो जिम्मेदार अफसर फंसेगा और यदि नहीं खोलते हैं तो स्थानीय रसूखदार और कांग्रेस विधायक के दबाव को सहन करना पड़ेगा। इसी पसोपेश में निगम के संबंधित अफसरों को शिकायत की है, लेकिन यहां से इन स्थानीय अधिकारियों को मामला दिखाने से अधिक कोई आश्वासन नहीं मिल रहा। संपत्तिकर अधिकारी अर्चना शर्मा का कहना है कि मामला सामने आया है और वे वरिष्ठ अधिकारियों से इस पर चर्चा कर रही है।

राजस्व में ये खसरे म्यूनिसिपल बोर्ड के नाम दर्ज, जहां कॉलोनी बन गई...
हुजूर तहसील शहर वृत्त में शामिल खसरा नंबर 611, 612, 613, 614, 615, 616, 617, 618, 619, 621, 632, 633/1, 634, 654, 622, 623, 624, 626, 627, 628, 629, 630/1, 631, 640, 642, 643, 644/2, 647 और 648 के आगे स्पष्ट दर्ज है कि ये म्यूनिसिपल बोर्ड की जमीन है। ये पटवारी हल्का नंबर 41 के फूटा मकबरा क्षेत्र की जमीन है। नगर निगम के वार्ड 18 में शामिल है।

ये है स्थिति:
अब परेशानी ये है कि यदि इस कॉलोनी के मकानों का संपत्तिकर खाता खोलते हैं, तो जिम्मेदार अफसर फंसेगा और यदि नहीं खोलते हैं तो स्थानीय रसूखदार और कांग्रेस विधायक के दबाव को सहन करना पड़ेगा। इसी पसोपेश में निगम के संबंधित अफसरों को शिकायत की है, लेकिन यहां से इन स्थानीय अधिकारियों को मामला दिखाने से अधिक कोई आश्वासन नहीं मिल रहा। संपत्तिकर अधिकारी अर्चना शर्मा का कहना है कि मामला सामने आया है और वे वरिष्ठ अधिकारियों से इस पर चर्चा कर रही है।

नगर निगम की जमीन को कोई नहीं दबा सकता। यदि ऐसी स्थिति है तो हम संबंधित वार्ड जाकर खुद मामला दिखाएंगे।
- आलोक शर्मा, महापौर