
(फोटो सोर्स: पत्रिका)
भोपाल. शहर में अपनी तरह का अनोखा लंगर चल रहा है। जो 10 सालों से जरूरतमंदों को खाना खिलाने का काम कर रहा है। खास बात यह है कि इस लंगर में हर वर्ग के लोग अपनी भागीदारी निभा रहे हैं। नादरा बस स्टैंड के पास रोज बड़ी संख्या में लोग जमा होते हैं। यहां 10 लाख लोगों को खाना खिलाया जा चुका है। लंगर से जुड़े सभी वर्ग के लोग अपने तरीके से मदद करते हैं। कोई दाल जुटा रहा है तो कोई आटा और सब्जी। रोज कई मजदूरों का जमावड़ा लगता है। इनमें कुछ दूसरे जिलों व प्रदेशों से होते हैं। कई बार लोगों को भूखे सोना पड़ता है यह हालात देख 1 मई 2013 से कुछ युवाओं ने लंगर की शुरुआत की थी।
कोरोनाकाल में जब पूरा शहर बंद था, उस समय भी लंगर शुरू था। उस वक्त पैकेट बनाकर बस्तियों में पहुंचाए गए। कोरोनाल के समय इमरान हारुन सहित दर्जनभर से ज्यादा लोगों ने शहर की सीमा पर कई स्टॉल लगाकर खाना बांट रहे थे। शहर में दूसरी लंगर खोलने की योजना: शहर में इसकी अन्य शाखाएं भी शुरू करने की योजना है। यह उन स्थानों पर होगी जहां लोगों का जमावड़ा ज्यादा हो रहा है। कोरोनाकाल से पहले इसके लिए तैयारी भी कर ली गई थी। महामारी के चलते इसमें बाधा
आ गई।
रोटी बैंक में हर घर से एक रोटी का कान्सेप्ट
शहर में रोटी बैंक का भी संचालन हो रहा है। इसके अलावा रात में कई जगह खाने बांटने के लिए वैन की व्यवस्था भी है। बोहरा समाज केे इब्राहिम अली ने बताया कि समाज की ओर से सालों से मदद का यह काम चल रहा है।
कोई भूखा न सोए इसलिए शुरू किया लंगर
लंगर संचालन करने वाले मकबूल अहमद ने बताया कि कोई भूखा न सोए मिशन के तहत हमने इसे शुरू किया था। धीरे-धीरे इससे कई लोग जुड़े। सामान की दिक्कत आई तो लोगों ने सामग्री से सहयोग देना शुरू कर दिया गया। इसके बढ़ावा देने के लिए आयेाजन भी हुए। जिसमें प्रशासन से लेकर नगर निगम के अधिकारी शामिल हो चुके हैं।
Updated on:
04 Jul 2025 05:26 pm
Published on:
10 Jun 2023 10:57 pm
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