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आदिवासियों की भूमि बचाने बदलेगा कानून

आदिवासियों की शादी के बाद जमीन की खरीद-फरोख्त का जिक्र

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Adivasi society on the Bhagoria festival

Adivasi society on the Bhagoria festival

भोपाल. प्रदेश में आदिवासियों की जमीन के लिए नया कानून बनेगा। इसमें सख्त प्रावधान किए जाएंगे, ताकि उनकी जमीन कोई दूसरे वर्ग का व्यक्ति नहीं खरीद सके। हालांकि, अभी भी आदिवासियों की जमीन बेची-खरीदी नहीं जा सकती है, लेकिन कुछ नियमों की गलियां निकालकर खरीद-फरोख्त हो जाती है। अभी आदिवासी की शादी दूसरी जाति में होने पर जमीन का हस्तांतरण हो जाता है। इसके अलावा आदिवासी की जमीन को लीज पर लेकर भी काम होता है। अब ऐसे सख्त प्रावधान किए जाएंगे कि खरीद-फरोख्त की कोई गुंजाइश न रहे।

आदिम जाति मंत्रणा परिषद की बैठक में आदिवासियों की शादी के बाद जमीन को लेकर खरीद-फरोख्त के मामले का जिक्र आया, तब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मामले में सख्त कानून को बनाने की बात कही।

वनाधिकार पट्टे के लिए चलेगा
सीएम ने कहा कि एक से ३० अप्रैल तक परीक्षण करें और एक से 30 मई तक वनाधिकार पट्टे बांटें। पेड़ों की कटाई के नियम सरल करें। शहरी क्षेत्रों के आवारा पशुओं को आदिवासी क्षेत्रों में खेती के उपयोग के लिए देने के सुझाव पर काम करें।

खुलेआम बिकती है अवैध शराब
बैठक में विधायकों ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में अवैध शराब खुलेआम बिकती है। कई जगह आदिवासी खुद भी अवैध शराब बनाने में शामिल रहते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध शराब की बिक्री को सख्ती से रोका जाए। जनजाति के लोगों के विरुद्ध चल रहे छोटे प्रकरण अभियान चलाकर वापस लिए जाएं। यह सुनिश्चित करें कि आदिवासी महिला छात्रावासों में अधीक्षक महिला ही रहें। आवश्यकता हो तो भर्ती करें। पेसा एक्ट और पांचवी अनुसूची की सही व्याख्या के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की जाएगी।

ये फैसले भी हुए
पट्टाधारी को सामान्य किसान की तरह सुविधा मिले। इसके लिए समिति बनेगी।
जनजाति श्रद्धा स्थलों की विकास योजना बनाई जाए।
जनप्रतिनिधि पट्टा परीक्षण में शामिल रहे।
पट्टा देने के बाद संबंधितों को नक्शा भी उपलब्ध हो।
जनजाति परिवार के बच्चों के लिए आश्रम छात्रावास खोले जाए।
बैकलॉग पदों की पूर्ति के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
कम लागत वाले कामों को एकीकृत परियोजना के जरिए कराए।