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हाईकोर्ट का आदेश भी नहीं माना, वकीलों की हड़ताल जारी

lawyers strike in high courts- मध्यप्रदेश के 93 हजार से अधिक वकील हड़ताल पर...। सभी कोर्ट में कामकाज प्रभावित...।

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भोपाल

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Manish Geete

Mar 25, 2023

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भोपाल। मध्यप्रदेश में वकीलों की हड़ताल शनिवार को भी जारी है। प्रदेश में 92 हजार से अधिक वकील हड़ताल पर है। इसका असर है कि सभी न्यायालयों में कामकाज प्रभावित हो रहा है। कई मामलों में लोगों को जमानत नहीं मिल पाने से जेल में कैदियों की संख्या बढ़ रही है, वहीं हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद स्टेट बार काउंसिल ने दो टूक कह दिया है कि हड़ताल खत्म नहीं करेंगे।


प्रदेशभर में वकीलों की हड़ताल का शनिवार को दूसरा दिन है। वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को कहा है। भोपाल में जिला अभिभाषक संघ कार्यालय में अधिवक्ता संघों का महासम्मेलन होने वाला है। इसमें 52 जिलों के 158 तहसीलों से अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी शामिल होने वाले हैं।

क्यों हो रही है हड़ताल

हाईकोर्ट ने एक आदेश दिया था जिसमें कहा था कि तीन माह में 25 पुराने केस निपटाने होंगे। यह आदेश दिसंबर 2022 में दिया गया था। इसके बाद से वकील इसका विरोध कर रहे थे। भोपाल में 23 फरवरी से लगातार हड़ताल चल रही है। यह हड़ताल आगे भी बढ़ सकती है।

क्यों कर रहे विरोध

वकीलों की हड़ताल को लेकर आरोप भी लग रहे हैं कि वे केस जल्दी खत्म कराना नहीं चाहते हैं, इसलिए इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। इसके जवाब में स्टेट बार काउंसिल के चेयरमैन प्रेम सिंह भदौरिया कहते हैं कि यह आरोप गलत है। चीफ जस्टिस को लोअर कोर्ट के साथ हाईकोर्ट के ऊपर भी समय सीमा तय करना चाहिए। भदौरिया ने कहा कि लोअर कोर्ट से फैसला होने के बाद हाईकोर्ट की बैंच में महिनों बाद तारीख मिलती है। तब तक पक्षकार की जमानत नहीं हो पाती। उल्टा उन्होंने ही आरोप लगा दिया कि चीफ जस्टिस न्याय को समय सीमा में बांधना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि समय सीमा तय करनी है तो पहले हाईकोर्ट के सभी खाली पदों पर भर्ती की जाए।

हाईकोर्ट ने चेतावनी दी

इससे पहले शुक्रवार को हाईकोर्ट ने अधिवक्ताओं की हड़ताल का स्वतः संज्ञान लेते हुए आदेश दिया है कि वकील तत्काल काम पर लौटें। चीफ जस्टिस रवि मलिमठ और न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की युगल पीठ ने स्पष्ट आदेश दिया है कि यदि आदेश का पालन नहीं किया जाता है तो इस रवैये को अवज्ञाकारक माना जाएगा, साथ ही वकीलों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाएगी। उच्च न्यायालय ने यह भी कहा कि जिस तरह की बातें सामने आ रही है उससे हम चिंतित और दुखी हैं।

बार काउंसिल की दो टूक

स्टेट बार काउंसिल ने दो टूक कह दिया है कि वे हड़ताल खत्म नहीं करेंगे। स्टेट बार काउंसिल मध्यप्रदेश जबलपुर के अध्यक्ष प्रेम सिंह भदौरिया ने वीडियो जारी कर प्रदेश के वकीलों से आव्हान किया है। भदौरिया ने कहा है कि आदेश के विरोध में वकील एक जुट रहें। अवमानना की कार्रवाई के लिए मैं तैयार हूं। यदि जेल जाना पड़ेगा तो सबसे पहला व्यक्ति मैं रहूंगा। रविवार को दिल्ली में न्यायमूर्ति जीतेंद्र महेश्वरी से मिलूंगा और निवेदन करूंगा कि सीजेआई के समक्ष पूरे प्रकरण को रखें। गौरतलब है कि अधिवक्ताओं की सर्वोच्च संस्था एमपी स्टेट बार काउंसिल में ग्वालियर के प्रेम सिंह भदौरिया चेयरमैन निर्वाचित हुए हैं।