
भोपाल.लोकसभाचुनाव 2019 के चौथे चरण के लिए 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। इस चरण में 9 राज्यों की 71 सीट पर वोट डाले जाएंगे। इसमें मध्यप्रदेश की 6, महाराष्ट्र की 17, उत्तर प्रदेश की 13, राजस्थान की 13 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। इसके अलावा पश्चिम बंगाल की 8, बिहार की 5, कश्मीर की एक और झारखंड की 3 सीटों पर भी वोट डाले जाएंगे। प्रचार के अंतिम दिन मध्यप्रदेश की सभा छह सीटों पर उम्मीदवार तूफानी दौरा करेंगे। वहीं, दिग्गज भी जनसभाएं करेंगे।
कमलनाथ के बेटे भी चुनाव मैदान में
लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में 29 अप्रैल को मध्य प्रदेश के जिन 6 सीटों पर चुनाव होने जा रहे हैं उनमें प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ की सीट छिंदवाड़ा भी शामिल है। मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के कारण कमलनाथ इस बार लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। उनकी जगह पार्टी ने नकुलनाथ को टिकट दिया है। नकुल नाथ सीएम कमलनाथ के बेटे हैं। इस बार कमलनाथ छिंदवाड़ा से विधानसभा का उपचुनाव लड़ रहे। कमलनाथ छिंदवाड़ा संसदीय सीट से 9 बार सांसद रहे हैं। कमलनाथ की पत्नी अल्का नाथ भी छिंदवाड़ा से चुनाव जीत चुके हैं।
नकुलनाथ सबसे अमीर उम्मीदवार
लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में जिन सीटों पर वोटिंग होनी है उसमें सबसे रईस उम्मीदवार मध्यप्रदेश की छिंदवाड़ा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार और सीएम कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ हैं. इनकी कुल संपत्ति 660 करोड़ से ज्यादा है। एडीआर ने पूरे देश के 928 उम्मीदवारों के आंकड़े को विश्लेषित किया है। जिसमें आपराधिक, गंभीर आपराधिक, करोड़पति और औसतन संपत्ति का विश्लेषण है। चौथे चरण में पांच करोड़ से अधिक की संपत्ति वाले उम्मीदवारों की संख्या करीब 101 है।
छह सीटों के लिए 108 उम्मीदवार
लोकसभा चुनाव के चौथे चरण के लिए 29 अप्रैल को पूरे देश में मतदान होना हैं। मध्यप्रदेश की भी छह सीटों पर वोटिंग होगी। प्रदेश के चुनावी मैदान में कुल 108 उम्मीदवार हैं, वहीं देश में 943 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद होगी।
इन सीटों पर किसने बीच मुकाबला
| संसदीय सीट | भाजपा उम्मीदवार | कांग्रेग उम्मीदवार |
| सीधी | रीति पाठक | अजय सिंह |
| जबलपुर | राकेश सिंह | विवेक तन्खा |
| शहडोल | हिमाद्री सिंह | प्रमिला सिंह |
| बालाघाट | ढालसिंह बिसेन | मधु भगत |
| मंडला | फग्गन सिंह कुलस्ते | कमल मरावी |
| छिंदवाड़ा | नकुल नाथ | नत्थन शाह |
सीधी लोकसभा सीट
ये सीट मध्यप्रदेश के विंध्य क्षेत्र में आती है। यहां बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है। इस सीट पर कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे अर्जुन सिंह के बेटे अजय सिंह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। पिछले दो लोकसभा चुनाव लगातार जीतने वाली बीजेपी ने हैट्रिक की आस में हैं। भाजपा ने यहां से अपने वर्तमान सांसद रीति पाठक को फिर से चुनावी मैदान में उतारा है। इस संसदीय सीट की 87 फीसदी ग्रामीण क्षेत्र में रहती है। अनुसूचित जनजाति वर्ग के मतदाताओं की संख्या 32 फीसदी के करीब , वहीं अनुसूचित जाति के मतदाता 12 फीसदी के लगभग हैं।
शहडोल लोकसभा सीट
ये सीट भी विंध्य क्षेत्र की है। यह संसदीय क्षेत्र अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित है। प्रदेश की 29 में से यह ऐसी सीट है जहां दो महिला उम्मीदवारों के बीच मुकाबला है। यहां 21 फीसदी के लगभग शहरी आबादी वाले इस संसदीय क्षेत्र में 44.76 फीसदी अनुसूचित जनजाति और 9.35 फीसदी आबादी अनुसूचित जाति की है।
मंडला लोकसभा सीट
यह सीट अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवार के लिए आरक्षित है। बीजेपी ने यहां से वर्तमान सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते को मैदान में उतारा है तो वहीं कांग्रेस की तरफ से कमल मरावी चुनाव मैदान में है। आदिवासियों के बीच लोकप्रिय नेता गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हीरा सिंह मरकाम के मंडला से चुनावी मैदान में हैं। लगभग 91 फीसदी ग्रामीण आबादी वाले इस क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति के 52.3 फीसदी और अनुसूचित जाति के 7.67 फीसदी मतदाता हैं।
बालाघाट लोकसभा सीट
यहां मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच है। लेकिन भाजपा के मौजूदा सांसद का टिकट कटने से वो बगावत पर उतर गए हैं और निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं। इस सीट पर एससी-एसटी दोनों वर्ग के कुल मिलाकर 55.7 फीसदी के लगभग मतदाता है। वहीं सामान्य श्रेणी के मतदाताओं की संख्या 13.5 फीसदी और मुस्लिम 8.3 फीसदी के लगभग है।
जबलपुर लोकसभा सीट
यह लोकसभा सीट महाकौशल क्षेत्र के अंतर्गत आती है। जबलपुर को मध्य प्रदेश की संस्कारधानी भी कहा जाता है। 1996 से यहां लगातार बीजेपी ही जीत रही है। बीजेपी ने यहां से अपने प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह को फिर से चुनावी मैदान में उतारा है। वहीं, कांग्रेस ने अपने राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा को उम्मीदवार बनाया है। यहां 14.3 फीसदी आबादी अनुसूचित जाति और 15.04 फीसदी आबादी अनुसूचित जनजाति के हैं।
छिंदवाड़ा संसदीय सीट
ये सीट मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ का संसदीय क्षेत्र है। वो यहां से 9 बार लोकसभा चुनाव जीते। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने अपनी विरासत अपने बेटे नकुल नाथ को सौंपी है। नकुल नाथ कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर छिंदवाड़ा से लोकसभा चुनाव के मैदान में उतारा है। बीजेपी ने इस सीट से पूर्व विधायक नत्थन शाह को अपना उम्मीदवार बनाया है। छिंदवाड़ा में 34 फीसदी से ज्यादा आदिवासी मतदाताओं की है।
Published on:
27 Apr 2019 12:15 pm
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