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lok sabha election 2024 result: भोपाल सांसद को मिल सकती है केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह, यह है कारण

lok sabha election 2024 result: केंद्रीय मंत्रिमंडल में से 19 मंत्री चुनाव हार गए हैं, लेकिन मध्यप्रदेश के मंत्रियों ने इज्जत बचाई है...। अब भोपाल को भी मंत्रिमंडल में जगह मिलने पर चर्चा तेज हो गई हैं...।

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भोपाल

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Manish Geete

Jun 06, 2024

know who is Alok Sharma lok sabha election 2024 result

lok sabha election 2024 result: भाजपा के गठबंधन वाली सरकार देश में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने वाली है। लोकसभा चुनाव 2024 में पिछली सरकार के करीब 19 केंद्रीय मंत्री चुनाव हार गए थे, अब ऐसे में इनकी छुट्टी होना तय है। जबकि मध्यप्रदेश के पांच मंत्रियों में से तीन केंद्रीय मंत्री चुनाव जीत गए हैं और दो मंत्रियों ने विधानसभा चुनाव के दौरान इस्तीफा दे दिया था।

मध्यप्रदेश कोटे के पांच मंत्रियों में से इस बार कितने मंत्री केंद्र सरकार में बनेगा, इसे लेकर अटकलों का दौर तेज हो गया है। हाल ही में चुनाव जीतकर गए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विरेंद्र कुमार खटीक, फग्गन सिंह कुलस्ते को फिर से कैबिनेट में लिया जा सकता है। जबकि विदिशा लोकसभा से चुनाव जीतकर गए शिवराज सिंह चौहान को भी नई सरकार के कैबिनेट में मंत्री मिलने पर चर्चाएं चल रही है।

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क्या भोपाल सांसद भी होंगे मंत्रिमंडल में शामिल

bhopal lok sabha seat: भोपाल संसदीय सीट से 1989 से मतदाता भाजपा प्रत्याशी को जीता रहे हैं। 2024 में भी रिकॉर्ड पांच लाख से अधिक वोट देकर भाजपा प्रत्याशी आलोक शर्मा (alok sharma bhopal) को संसद में भेजा है। लगातार भाजपा के कब्जे वाली सीट के बावजूद यहां से उमा भारती को छोड़कर किसी अन्य सांसद को केंद्र में मंत्री नहीं बनाया गया।

इस बार लोगों को अपेक्षा है कि राजधानी के सांसद को भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिलनी चाहिए। चार बार के सांसद भी नहीं बन सके मंत्री 1989 से 1998 तक लगातार चार बार भोपाल से सांसद रहे सुशील चंद्र वर्मा केंद्र सरकार में मंत्री नहीं बन पाए।

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1999 के बाद से नहीं मिला किसी को पद

1999 में उमा भारती (uma bharti) को भाजपा ने सांसद बनाया। वे तत्कालीन अटल सरकार में कैबिनेट राज्य मंत्री बनीं। ये युवा मामले, खेल व कोयला मंत्री भी रहीं।

केंद्रीय समितियों में मिली थी जगह

2004 से 2014 तक कैलाश जोशी भोपाल से सांसद रहे। वे केंद्रीय समितियों में जरूर रहे लेकिन इन्हें भी मंत्री पद नहीं मिला।

ये भी कर चुके हैं प्रतिनिधित्व

2014 में आलोक संजर और 2019 में प्रज्ञा सिंह ठाकुर भाजपा से भोपाल की सांसद रहीं। इस बार आलोक शर्मा को वोटर्स ने जिताया है।

भोपाल को समझा प्रयोगशाला

भोपाल संसदीय क्षेत्र केंद्रीय चुनाव के लिहाज से प्रयोगशाला ही रहा। यहां प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी को सांसद बनाकर स्थानीय राजनीति को मजबूत बनाए रखकर राज्य के नए मुख्यमंत्रियों के लिए लगातार केंद्रीय मॉनीटरिंग की व्यवस्था रखी गई। जब जोशी ने चुनाव लडऩे से इंकार किया और शहर में इस सीट के नए दावेदार उभरे तो केंद्र ने आलोक संजर को टिकट देकर बताया कि उनके लिए सब कार्यकर्ता समान हैं। ये संदेश पूरे देश में फैलाया गया। 2014 में जब केंद्र में भाजपा की सरकार बनी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (pm narendra modi) और हिन्दुत्व व भगवा आतंकवाद को लेकर कांग्रेस केंद्र सरकार को घेरने लगी तो 2019 में भाजपा ने हिन्दुत्व कार्ड के तहत भोपाल से साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को दिग्विजय सिंह के खिलाफ खड़ा कर दिया।