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Gun Culture: हथियारों के मामले में देश में नंबर वन पहुंच जाएगा मध्यप्रदेश

Madhya Pradesh Gun Culture: एमपी में बढ़े वैध और अवैध हथियार। हथियार रखने में नंबर वन उत्तर प्रदेश से आगे निकल सकता है मध्यप्रदेश।

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भोपाल

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Nisha Rani

Feb 23, 2024

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मध्यप्रदेश में अपने साथ हथियार रखना और उन्हें दिखाने का क्रेज बढ़ गया है। कोई इसे शौक के लिए रखता है तो कोई रौब झाड़ने के लिए। खासकर लाइसेंसी बंदूक का रुतबा भी कम नहीं है। यही कारण है कि प्रदेश में गन कल्चर तेजी से बढ़ रहा है। आने वाले समय में मध्यप्रदेश का 'गन कल्चर' उत्तर प्रदेश और पंजाब जैसे राज्यों से कहीं ज्यादा ही आगे निकल जाएगा।

सरकार के आंकड़े भी बताते हैं कि पंजाब के बाद मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा लाइसेंसी हथियार हैं। यह तो सिर्फ सरकारी आकड़े हैं, मगर गैरकानूनी रूप से रखे हथियारों की संख्या कई गुना होंगी। इस रिपोर्ट में जानते हैं मध्यप्रदेश में वैध और अवैध हथियारों की कहानी....।


देश में सबसे शांत प्रदेश के रूप में पहचान रखने वाला मध्यप्रदेश सर्वाधिक लाइसेंसी हथियार रखने वाले राज्यों में चौथे नंबर पर है। 2022 में गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि मध्य प्रदेश में 2 लाख 58 हजार से ज्यादा लोगों के पास लाइसेंसी हथियार हैं। इस मामले में उत्तरप्रदेश नंबर एक पर है। जहां करीब 12 लाख 88 हजार लोगों ने लाइसेंसी हथियार ले रखे हैं।


एमपी के ग्वालियर-चंबल क्षेत्रों की बात करें तो यहां सबसे ज्यादा लाइसेंसी हथियार हैं। इस क्षेत्र में रसूख कहें, या रुतबा कहें या एक दूसरे के सामने हथियार रखने की होड़ कहें, यहां का हर व्यक्ति हथियार रखना चाहता है। इसी वजह से यहां सबसे ज्यादा लाइसेंसी हथियार मौजूद हैं। सबसे ज्यादा बंदूकें चंबल इलाके में हैं। हालात यह हैं कि ग्वालियर में लाइसेंसी हथियार 33 हजार 700 तक पहुंच गए हैं। यह संख्या प्रदेश के 55 जिलों में सर्वाधिक है। एक अनुमान के मुताबिक ग्वालियर के हर 8वें व्यक्ति के पास बंदूक है, इसी तरह मुरैना जिले में 29 हजार 650, भिंड जिले में 26 हजार 650, शिवपुरी जिले में 13 हजार 87, दतिया जिले में 11 हजार 675, श्योपुर जिले में 4 हजार 93 बंदूकें हैं।


अगर अवैध हथियार की सप्लाई करने वाले पकड़ लिए जाएं तो अपराधों पर भी रोक लगाई जा सकती है। कई रिपोर्ट में यह भी बात सामने आ चुकी है कि ज्यादातर फायरिंग की घटनाएं अवैध हथियारों से की गई है। हथियारों के चलन की वजह से ही क्राइम भी बढ़ जाते हैं। लाइसेंसी बंदूकों के कारण भी फायरिंग की घटना हो सकती है। क्योंकि लाइसेंसी बंदूक वाला व्यक्ति भी अपने गुस्से को काबू नहीं कर पाता है और वो घर में रखी बंदूक को निकालकर वारदात कर बैठता है।