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एक्सपर्ट बोले- अब प्राध्यापकों को समय के साथ बदलना होगा, तकनीक को सीखें फिर छात्रों को पढ़ाएं

- ई-कंटेंट निर्माण के लिए फैकल्टी के ऑनलाइन प्रशिक्षण का दूसरा चरण शुरू- 30 मई से 04 जून तक समाज शास्त्र, राजनीति शास्त्र, गृह विज्ञान, गणित, भौतिक शास्त्र आदि विषयों के 400 से अधिक प्राध्यापक सहभागिता करेंगे

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एक्सपर्ट बोले- अब प्राध्यापकों को समय के साथ बदलना होगा, तकनीक को सीखें फिर छात्रों को पढ़ाएं

एक्सपर्ट बोले- अब प्राध्यापकों को समय के साथ बदलना होगा, तकनीक को सीखें फिर छात्रों को पढ़ाएं

भोपाल. राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत स्नातक द्वितीय वर्ष के 40 विषयों के लिए ई-कंटेंट व वीडियो लेक्चर निर्माण के लिए प्रदेश के 1300 विषय विशेषज्ञ प्राध्यापकों के ऑनलाइन प्रशिक्षण का सोमवार से दूसरा चरण शुरू हुआ। मालूम हो कि प्रदेश में पिछले साल स्नातक प्रथम वर्ष में एनईपी लागू किया गया था, जिसमेंं वर्चुअल शिक्षण पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। सुधार के लिए टीचिंग स्टाफ का आधुनिक शिक्षा प्रणाली को आत्मसात करना तथा तकनीक का शिक्षण में प्रयोग जरूरी है। 30 मई से 04 जून तक चलने वाले दूसरे चरण में समाज शास्त्र, राजनीति शास्त्र, गृह विज्ञान, गणित, भौतिक शास्त्र आदि विषयों के 400 से अधिक प्राध्यापक सहभागिता कर रहे हैं।

प्रतिभागियों को ये सिखाया गया
प्रथम सत्र में उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान भोपाल के निदेशक डॉ. प्रज्ञेश कुमार अग्रवाल ने ई-कंटेंट के विविध प्रकार बताए। द्वितीय सत्र में इसी संस्थान के डॉ. अजय कुमार भारद्वाज ने ई-कंटेंट मॉड्यूल के चारों चतुर्थांश तथा तत्वों की समीक्षा पर बात की। उन्होंने प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। तृतीय सत्र में नीटर भोपाल के शोध सहायक डॉ. संजय मिश्रा ने ई-कंटेंट निर्माण में समय सीमा विषय को समझाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आयुक्त उच्च शिक्षा दीपक सिंह ने की जबकि विशिष्ट अतिथि महाराजा छत्रसाल बुंदेलखण्ड विवि के कुलपति डॉ. टीआर थापक रहे।

पहले चरण में 22 विषयों पर किया फोकस
प्रथम चरण में प्राचीन भारतीय इतिहास, पर्यावरण विज्ञान, वेद, संस्कृत, कम्प्यूटर विज्ञान, दर्शन शास्त्र, लेखांकन, योग-ध्यान, हिन्दी, अंग्रेजी, मनोविज्ञान, शारीरिक शिक्षा तथा राष्ट्रीय सेवा योजना आदि 22 विषयों में ई-कंटेंट निर्माण के लिए प्रशिक्षण दिया गया। अन्य विषयों के लिए तृतीय चरण भी आयोजित किया जाएगा।