
भोपाल। प्रदेशभर में संविदाकर्मियों के चल रहे व्यापक आंदोलन को देखते हुए रविवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री ने संविदा को सबसे बड़ा अभिशाप कहते हुए सभी संविदाकर्मियों को नियमित किए जाने का आश्वसन दिया है।
उन्होंने कहा कि संविदाकर्मियों का जीवन अस्थिर रहता है। इसलिए प्रदेश के सभी संविदाकर्मियों को इसी महीने सीएम हाउस बुलाया जाएगा। दरअसल, पिछले कई महीनों से प्रदेश के कई विभाग के संविदाकर्मी हड़ताल पर थे। जिससे सरकारी काम भी अस्त व्यस्त हो चुका था। हड़ताल के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए सीएम शिवराज ने उनकी मांगों को पूरा करने के लिए मार्च महीने में ही सभी को सीएम हाउस बुलाया है।
ढाई लाख कर्मचारी हैं प्रदेश में
साल 2018 में नियमितीकरण और हटाए गये संविदा कर्मचारियों की वापसी के लिए संविदा कर्मचारियों ने आंदोलन तेज किया था। भोपाल में आयोजित प्रदर्शन से कर्मचारियों ने अपने इरादे भी प्रकट कर दिए हैं।
मध्यप्रदेश संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न विभागों और उनकी परियोजनाओं, निगम मंडलों में कार्यरत ढाई लाख संविदा कर्मचारियों को नियमित करने और हटाये गये संविदा कर्मचारियों को वापस लिये जाने के लिए चलाये जा रहे चरणबद्ध आंदोलन के छठवें चरण में मप्र सरकार से आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए संविदा कर्मचारियों को संभाग, जिला, और विकासखंड स्तर तक संगठन को मजबूत करने और एक सूत्र में पिरोने के लिए जिलों में रैली और बैठको का दौर चालू हो चुका है।
प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी असर
संविदा कर्मचारियों के आंदोलन की रूपरेखा लंबे समय से तैयार की जा रही थी। पिछले साल से अपनी मांगों को लेकर मुखर हुए कर्मचारियों ने प्रदेशभर में अपने आंदोलन को तेज करने के संकेत दिए हैं।
संविदा महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नये वर्ष में संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था यदि नये वर्ष में सरकार ने संविदा कर्मचारियों को नियमित करने के आदेश जारी नहीं किये तो हम उग्र आंदोलन करने के लिए तैयार हैं। संभाग, जिले और विकासखंड स्तर तक हम हमारे संगठन को मजबूत कर आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए फिर राजधानी की सड़कों पर उतरेंगे।

Published on:
18 Mar 2018 12:45 pm
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